दिल्ली में आज से दौड़ेगी पहली हाइड्रोजन शटल बस, क्या रूट और कितना किराया
दिल्ली में पहली बार हाइड्रोजन से चलने वाली अत्याधुनिक शटल बसों का परिचालन आज से शुरू होने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम केंद्रीय सचिवालय, सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों के बीच इस बस सेवा की शुरुआत करेगा।

दिल्ली में पहली बार हाइड्रोजन से चलने वाली अत्याधुनिक शटल बसों का परिचालन आज से शुरू होने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम केंद्रीय सचिवालय, सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों के बीच इस बस सेवा की शुरुआत करेगा।
इस बस को शुरू करने का मकसद कर्मचारियों में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है। ताकि मेट्रो स्टेशन पर उतरने के बाद विस्टा के क्षेत्र में स्थित सरकारी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी आसानी से हाइड्रोजन से चलने वाली बस से दफ्तर पहुंच सकें। डीएमआरसी के अनुसार केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी मामले के मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के सहयोग से ये बस सेवा शुक्रवार से शुरू की जा रही है।
आईओसीएल ने दिए बस
दिल्ली में स्वच्छ और कुशल शहरी परिवहन सुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा रहा है। डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट संचार) अनुज दयाल ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) डीएमआरसी को हाइड्रोजन से चलने वाली दो अत्याधुनिक बसें उपलब्ध कराई हैं।
हर 30 मिनट में एक बस
इसका उद्देश्य केंद्रीय सचिवालय, सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित सरकारी कार्यालयों के बीच लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। बस राजपत्रित अवकाश को छोड़कर सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना सुबह साढ़े आठ से दोपहर 12:30 बजे तक और दोपहर साढ़े तीन से शाम साढ़े छह बजे तक चलेगी। हर 30 मिनट में एक बस चलेगी।
यह होगा रूट
कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर रोड, बड़ौदा हाउस, नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स, इंडिया गेट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन सहित महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और स्थलों से होकर गुजरेगी।
10 से 15 रुपये किराया
इसका किराया 10 और 15 रुपये होगा। एनसीएमसी (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड), यूपीआई और नगद राशि के रूप में किराया भुगतान किया जा सकेगा। इन शटल बसों के संचालन, परिचालक, टिकट बिक्री व यात्रियों की सहायता जिम्मेदारी डीएमआरसी के पास होगी।




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