10 लाख डॉलर का सपना और दीवार पर दर्जनों मेडल; दिल्ली में हिट एंड रन ने छीन ली साहिल की उड़ान
Dwarka Scorpio Accident: दिल्ली के द्वारका हिट एंड रन केस में साहिल की मौत ने पूरे परिवार को ही नहीं उन सपनों की उड़ान को भी छीन लिया, जो साहिल ने संजोए थे। साहिल का कमरा आज भी वैसा ही है- दीवारों पर लिखे उसके लक्ष्य और दर्जनों मेडल्स।

Dwarka Scorpio Accident: पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से 23 वर्षीय साहिल धनशेरा की दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। साहिल का कमरा आज भी वैसे ही सजा है। मेज पर किताबें और लैपटॉप, दीवारों पर बड़े सपनों की लिखावट, लेकिन साहिल अब इस दुनिया में नहीं है। 3 फरवरी को हुए इस हादसे में कथित तौर पर एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही एसयूवी ने उसकी स्पोर्ट्स बाइक को टक्कर मार दी।
साहिल के सपनों की उड़ान
साहिल के कमरे में उसकी उपलब्धियों की झलक साफ दिखाई देती है। दीवार पर दर्जनों मेडल टंगे हैं, टेबल पर उसकी तस्वीरें और किताबों का ढेर रखा है। एक पोस्टर पर लिखा है- “They want to fly first class. I want to own the plane. (वे फर्स्ट क्लास में उड़ान भरना चाहते हैं, मैं पूरे विमान का मालिक बनना चाहता हूं।)” दीवारों पर “Obsession is gonna beat talent. (जुनून प्रतिभा को भी पीछे छोड़ देता है।)” जैसे वाक्य साहिल की महत्वाकांक्षा बयान करते हैं। छत पर उसने अपने लक्ष्य लिख रखे थे- “2025 will be my year” और “$1000000 year! (साल 2025 मेरा साल होगा, 10 लाख डॉलर की कमाई वाला साल।)”
मां का दर्द छलका
साहिल की मां इन्ना माकन का कहना है कि 3 फरवरी को दोपहर 1:19 बजे उन्हें द्वारका सेक्टर-11 थाने से फोन आया। पुलिस ने बताया कि उनके नंबर पर पंजीकृत बाइक मिली है और एक युवक की मौत हो गई है। वह तुरंत घटनास्थल, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास पहुंचीं, जहां उनका बेटा सड़क पर पड़ा था और उसकी बाइक तीन टुकड़ों में बंटी हुई थी।

उनका आरोप है कि एंबुलेंस मौके पर मौजूद थी, लेकिन बेटे को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। उनका आरोप है कि “मैं 10 मिनट तक चिल्लाती रही, तब जाकर उसे उठाया गया।” बाद में साहिल को इंदिरा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां ईसीजी के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
13 चालान वाली एसयूवी, नाबालिग चालक
हादसे में शामिल एसयूवी पर कुल 13 चालान दर्ज हैं, जिनमें नौ ओवरस्पीडिंग के हैं। बताया जा रहा है कि वाहन 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। वह फिलहाल बोर्ड परीक्षाओं के चलते अंतरिम जमानत पर है।
पीएम रिपोर्ट में गंभीर चोट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, साहिल की मौत हेमरेज के कारण हुई। रिपोर्ट में सिर के बाईं ओर खोपड़ी में फ्रैक्चर, स्कैल्प के नीचे खून का थक्का, फेफड़ों को नुकसान और दिमाग में सूजन बताई गई है।




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