दिल्ली में 4.5 करोड़ की नशीली गोलियां जब्त, ड्रग तस्करी गैंग के 4 बदमाश गिरफ्तार, 1 नाबालिग भी
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 4.5 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। दिल्ली पुलिस ने 26 हजार से ज्यादा नशीली गोलियां जब्त की हैं।

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 4.5 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। दिल्ली पुलिस ने 26 हजार से ज्यादा नशीली गोलियां जब्त की हैं।
बरामद ड्रग्स में 3.5 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट्स शामिल हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा 1.7 किलोग्राम ट्रामाडोल टैबलेट्स और कैप्सूल भी जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है।
नाबालिग को ड्रग्स ले जाते पकड़ा
पुलिस के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 17 मार्च को मिली एक खुफिया सूचना से हुई थी। सूचना के आधार पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जोहरीपुर रोड स्थित शिव विहार तिराहे के पास जाल बिछाया गया। इसी दौरान 20 वर्षीय नितिन पाठक और एक नाबालिग को मोटरसाइकिल पर ड्रग्स ले जाते हुए पकड़ा गया।
तलाशी में पुलिस को उनके पास से 11,900 अल्प्राजोलम टैबलेट्स (1.91 किलोग्राम) और 825 ट्रामाडोल टैबलेट्स (0.49 किलोग्राम) मिलीं। पूछताछ के दौरान नितिन ने अपने अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
यूपी से भी बरामद हुई नशीली गोलियां
इसके बाद उत्तर प्रदेश के भोपुरा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया, जो सह-आरोपी प्रेम सिंह यादव का बताया जा रहा है। यहां से 2,250 ट्रामाडोल कैप्सूल (1.218 किलोग्राम) बरामद किए गए और आरोपी को 19 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने 21 मार्च को लक्ष्मी नगर से शालू कुमार को भी गिरफ्तार किया। उसके घर से 11,955 अल्प्राजोलम टैबलेट्स (1.627 किलोग्राम) बरामद हुईं। इसके बाद 23 मार्च को संजय सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो बिना वैध दस्तावेजों के प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स की अवैध खरीद-फरोख्त कर रहे थे।
दिलचस्प बात यह है कि मुख्य आरोपी नितिन पाठक बीएससी ग्रेजुएट और पूर्व मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव रहा है। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स की बढ़ती मांग को देखते हुए वह इस अवैध कारोबार में शामिल हो गया। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की आगे जांच जारी है।




साइन इन