मांझे से 5 साल के बच्चे की मौत, दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में दर्दनाक हादसा
दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में मोटरसाइकिल पर परिवार संग जाते समय पांच वर्षीय बच्चा पतंग के जानलेवा मांझे की चपेट में आ गया, जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां मोटरसाइकिल पर सफर कर रहे पांच साल के एक मासूम बच्चे की जानलेवा मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा के अनुसार, यह घटना उस वक्त घटी जब बच्चा अपनी मां और चाचा के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर न्यू उस्मानपुर स्थित सीएनजी पंप की तरफ जा रहा था।
रास्ते में सफर के दौरान अचानक हवा में उड़ता हुआ एक तेज धार वाला मांझा नीचे आ गिरा और बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। मांझे की तेज रगड़ से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और काफी खून बहने लगा।
हादसे के तुरंत बाद, घबराए हुए परिजनों ने आनन-फानन में बच्चे को इलाज के लिए पास के जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल प्रशासन ने घायल बच्चे के आने की सूचना तुरंत न्यू उस्मानपुर पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों की टीम ने मासूम की जान बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन गहरे घाव के कारण इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इस बात की जांच कर रही है कि यह मांझा किसका था और कहां से आया। इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
खुले नाले में गिरने से बच्ची की मौत
वहीं मुकुंदपुर इलाके में रविवार दोपहर घर के सामने खुले नाले में गिरने से दो साल की बच्ची की मौत हो गई। भलस्वा डेरी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान आश्वी केसरी के रूप में हुई है।
दुकान के सामने बहता है नाला
परिजनों के अनुसार, आश्वी अपने माता-पिता के साथ ईशू विहार में रहती थी। घर के ग्राउंड फ्लोर पर उसके पिता की डेयरी की दुकान है और ठीक सामने करीब तीन फीट चौड़ा और चार फीट गहरा नाला बहता है। नाला आमतौर पर ढका रहता था, लेकिन कुछ दिन पहले सफाई के दौरान स्लैब हटाए गए और बाद में उन्हें वापस नहीं लगाया गया।
खेलते वक्त हुई थी लापता
रविवार सुबह करीब 11 बजे आश्वी घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक लापता हो गई। मां द्वारा बुलाने पर जब वह नहीं मिली तो परिजनों ने तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची की फोटो व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा की गई और नाले के खुले हिस्से में बांस के सहारे खोजबीन की गई। करीब तीन बजे स्लैब हटाकर तलाश करने पर बच्ची नाले में डूबी हुई मिली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जिम्मेदार एजेंसी की जानकारी मांगी
पुलिस ने बताया कि मामले की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी से नाले के रखरखाव के लिए जिम्मेदार एजेंसी की जानकारी मांगी जाएगी। पिता विकास केसरी ने बताया कि आश्वी उनकी इकलौती संतान थी और अक्सर दुकान के सामने खेलती रहती थी। उनका कहना है कि यदि नाला ढका होता तो यह हादसा नहीं होता। परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




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