टूरिस्ट बनकर आए, साजिश में फंसे; अमेरिकी समेत 7 विदेशी नागरिक 30 दिन की हिरासत में भेजे गए
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जानिए क्या है मामला, ये नागरिक किन देशों के हैं…

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक और यूक्रेन के छह नागरिक हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोवस्की, स्टेफांकीव मारियन, होनचारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्टर शामिल हैं। इन सभी आरोपियों को एनआईए की हिरासत अवधि खत्म होने के बाद विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में पेश किया गया था।
टूरिस्ट वीजा पर आए थे भारत, लेकिन…
इससे पहले 16 मार्च को अदालत ने पूछताछ के लिए 11 दिन की हिरासत दी थी, जिसे बाद में 10 दिन और बढ़ाया गया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने एनआईए की मांग पर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक, यूक्रेन के कुछ नागरिक अलग-अलग तारीखों पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। वे गुवाहाटी पहुंचे और वहां से जरूरी अनुमति लिए बिना मिजोरम चले गए। इसके बाद वे अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए।
प्रतिबंधित संगठन को दे रहे थे हथियार और ट्रेनिंग
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले को अलग-अलग हिस्सों में नहीं देखा जा सकता। रिकॉर्ड में यह भी सामने आया है कि ये लोग म्यांमार में सक्रिय संगठनों के जरिए भारत के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को हथियार और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशिक्षण देने में भी शामिल थे। अदालत ने माना कि ये आरोप सीधे तौर पर देश की सुरक्षा और हितों से जुड़े हैं और इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18 लागू होती है।




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