दिल्ली के MCD क्षेत्रों में जनगणना का पहला चरण आज से; घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी, पूछेंगे 33 सवाल
Delhi Census 2026 : दिल्ली में जनगणना के पहले चरण में हाउसिंग सर्वे का काम शनिवार से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के क्षेत्र में शुरू होने जा रहा है। इस काम के लिए दिल्ली के 12 जिलों में 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

राजधानी दिल्ली में जनगणना के पहले चरण में हाउसिंग सर्वे का काम शनिवार से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के क्षेत्र में शुरू होने जा रहा है। इस काम के लिए दिल्ली के 12 जिलों में 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
यह कर्मचारी लोगों के घर जाकर हाउसिंग सर्वे में मौजूद 33 सवाल पूछेंगे और उस जानकारी को दर्ज करेंगे। वहीं, जिन लोगों ने अपना हाउसिंग सर्वे ऑनलाइन भर दिया है, उनके द्वारा दी गई जानकारी को वेरिफाई किया जाएगा। इसके लिए उन्हें फॉर्म जमा करने पर मिली आईडी इन कर्मचारियों को देनी होगी।
दिल्ली में जनगणना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में बीते 16 अप्रैल से हाउसिंग सर्वे का कार्य शुरू हो चुका है। इसके पहले चरण में एनडीएमसी और दिल्ली छावनी क्षेत्र का सर्वे हुआ है जो नई दिल्ली जिला में आता है। इस क्षेत्र में हाउसिंग सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं, नगर निगम क्षेत्र के 12 जिलों में शनिवार से हाउसिंग सर्वे शुरू होने जा रहा है।
इनकार करने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जनगणना में सभी को शामिल होना जरूरी है। कोई इनकार करता है तो पहले उसे समझाएंगे। मगर बार-बार समझाने के बाद भी वह जनगणना में शामिल नहीं होता है तो सेंसस एक्ट-1948 के सेक्शन-11 में उसपर 1000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। उसके बाद अगर वह दोषी पाया जाता है इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी है।
दिल्ली में 1.34 लाख लोगों ने स्वगणना में भाग लिया
अधिकारियों ने बताया कि जनगणना-2027 के हाउसलिस्टिंग फेज के तहत एमसीडी के 250 वार्डों में स्वगणना का काम शुक्रवार को खत्म हो गया, जिसमें 1.34 लाख लोगों ने ऑनलाइन जनगणना विवरण जमा किए। एमसीडी क्षेत्रों में लगभग 30-32 लाख घर हैं। वार्डों को लगभग 46,000 हाउसलिस्टिंग ब्लॉकों में बांटा गया है। जनगणना कार्य में लगे एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक हाउसलिस्टिंग ब्लॉक में 180-200 घर हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों की प्रामाणिकता सत्यापित करने के लिए लोग उनके पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र देख सकते हैं और उनके पहचान पत्रों पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन भी कर सकते हैं।
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली कैंट क्षेत्रों में स्वगणना का काम पहले ही पूरा हो चुका है। इन क्षेत्रों में भी हाउसलिस्टिंग फेज शुक्रवार को समाप्त हो गया।
कहां कितने लोगों ने की स्वगणना
अधिकारियों के अनुसार, एक से 15 मई के बीच चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल 1,54,127 व्यक्तियों ने स्वगणना करने का प्रयास किया, जिनमें से एनडीएमसी और दिल्ली कैंट क्षेत्रों को छोड़कर शहर में 1,32,840 लोगों ने अपने विवरण भरने का काम पूरा किया।
दक्षिण पश्चिम जिले में स्वगणना के सबसे अधिक 26,475 मामले दर्ज किये गए, इसके बाद उत्तर-पश्चिम में 26,155 और उत्तर-पूर्व में स्वगणना के 24,027 मामले दर्ज किए गए। पुरानी दिल्ली जिले में सबसे कम 811 स्वगणना के मामले दर्ज किए गए, जबकि बाहरी-उत्तर में 1,155 और मध्य-उत्तर में 3,505 मामले स्वगणना के दर्ज किये गए।
पूर्ण स्वगणना के लिहाज से दक्षिण-पश्चिम एक बार फिर सूची में सबसे ऊपर रहा, जहां 23,163 लोगों ने स्वगणना को पूर्ण किया। इसके बाद उत्तर-पश्चिम 22,661 और उत्तर-पूर्व 20,762 लोगों की ओर से पूर्ण स्वगणना के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
पुरानी दिल्ली में सबसे कम 659 पूर्ण स्वगणना दर्ज की गई, इसके बाद बाहरी-उत्तर में 1,053 और मध्य-उत्तर में 3,193 स्वगणन के पूर्ण मामले दर्ज किए गए।
(भाषा के इनपुट के साथ)




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