दिल्ली में 2 साल की मासूम का रेप कर नहलाया-धुलाया… दरिंदे को हुई 20 साल की जेल, जानें कैसे
दिल्ली के रोहिणी जिला स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने जून 2025 में दो साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मगर ये सजा सुनाना इतना आसान नहीं था, क्योंकि दरिंदे ने बच्ची का रेप करने के बाद उसे नहला-धुलाकर कपड़े बदल दिए थे।

Delhi 2 year old girl rape case: दिल्ली के रोहिणी जिला स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने जून 2025 में दो साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में दोषी युवक बृजेंद्र कुमार को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मगर ये सजा सुनाना इतना आसान नहीं था, क्योंकि दरिंदे ने बच्ची का रेप करने के बाद उसे नहला-धुलाकर कपड़े बदल दिए थे। ताकि उसकी हैवानियत का किसी को पता न चले। फिर कैसे कोर्ट ने मासूम बच्ची और उसके परिवार को इंसाफ दिलाया और दोषी को सजा।
जानें कोर्ट ने कैसे सजा सुनाई?
इस पूरे मामले में पीड़िता की बड़ी बहन की गवाही सबसे अहम और निर्णायक साबित हुई, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा छह व बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए उसे 10.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही दोषी के ऊपर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय नागर की अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों में आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी बरतना न्याय के साथ समझौता होगा। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध समाज को झकझोर देते हैं और इनके प्रति सख्ती जरूरी है।
घटना से दस दिन पहले दिल्ली आया था परिवार
बवाना थानाक्षेत्र में दर्ज मामले के मुताबिक, पीड़िता का परिवार बिहार के दरभंगा से रोजी-रोटी की तलाश में घटना से दस दिन पहले ही दिल्ली आया था। 27 जून 2025 को घटना वाले दिन जब मासूम के मां-बाप काम पर गए हुए थे, तब वह अपनी बड़ी बहन के साथ घर पर थी। तभी साथ वाले कमरे में रहने वाला 21 वर्षीय पड़ोसी बृजेंद्र बच्ची का अपहरण कर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शाम को मां के घर लौटने पर पीड़िता की बड़ी बहन ने पूरी सच्चाई बताई। अदालत में सुनवाई के दौरान भी बड़ी बहन ने गवाही पर अडिग रहते हुए निडरता से आरोपी की पहचान की और पूरा घटनाक्रम बताया।
बच्ची को नहलाकर दोषी ने बदल दिए थे कपड़े
सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक राजेश सिरोही ने आरोपी को अधिकतम सजा देने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि अपराध के समय मासूम की उम्र महज दो साल थी। दोषी ने न केवल उसके साथ दरिंदगी की, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने के लिए बच्ची को नहलाकर उसके कपड़े भी बदल दिए थे। दूसरी ओर, दोषी के वकील ने उसे गरीब परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य बताते हुए कम से कम सजा की गुहार लगाई। हालांकि, अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए सहानुभूति की कोई जगह नहीं है।




साइन इन