दिल्ली में सड़क खुदाई से पहले मिलेगा अलर्ट, ‘कॉल बिफोर यू डिग’ ऐप पर जानकारी देना हुआ जरूरी
दिल्ली सरकार ने सभी सड़क बनाने वाली एजेंसियों और यूटिलिटी ऑपरेटरों के लिए अपने सभी खुदाई प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट ‘कॉल बिफोर यू डिग’ ऐप (CBuD) और वेबसाइट पर देना जरूरी कर दिया है। इसका मकसद सड़क खोदने और खुदाई के काम को आसान बनाना है।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म पूरी खुदाई प्रक्रिया को कवर करता है - जिसमें प्लान जमा करना, खुदाई की योजना, इंटरैक्टिव मैपिंग टूल और खुदाई स्थल के स्थान के आधार पर भूमिगत उपयोगिता संपत्ति के मालिकों की स्वचालित खोज शामिल है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में सड़क खोदने और खुदाई के काम को आसान बनाने के लिए सभी सड़क बनाने वाली एजेंसियों और यूटिलिटी ऑपरेटरों के लिए सभी खुदाई प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट कॉल बिफोर यू डिग (CBuD) ऐप और वेबसाइट पर देना जरूरी कर दिया है।
अधिकारियों ने बताया CBuD ऐप से नागरिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। खुदाई वाले सभी स्थान एक ही प्लैटफॉर्म पर दिखाई देने से लोगों की परेशानी कम होगी और जमीन के नीचे की चीजों – जैसे गैस पाइपलाइन, सीवरेज सिस्टम और बारिश के पानी के नालों – को होने वाला नुकसान कम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों को टेंडर, रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) और कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट में CBuD ऐप का इस्तेमाल जरूरी बनाने का क्लॉज शामिल करने का भी निर्देश दिया गया है।
दिल्ली में कई एजेंसियों की वजह से आती हैं दिक्कतें
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में कई एजेंसियों की वजह से दिक्कतें आती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो और पावर डिस्कॉम अक्सर कंस्ट्रक्शन और रिपेयर के लिए सड़कें खोदते हैं। CBuD पोर्टल का मकसद उन सभी को एक कॉमन प्लैटफॉर्म पर लाकर कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाना है।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्लैटफॉर्म पूरी खुदाई प्रक्रिया को कवर करता है - जिसमें प्लान जमा करना, खुदाई की योजना, इंटरैक्टिव मैपिंग टूल और खुदाई वाली जगह की लोकेशन के आधार पर अंडरग्राउंड यूटिलिटी एसेट मालिकों की स्वचालित खोज शामिल है।
एसएमएस और नोटिफिकिकेशन से भेजे जाते हैं अलर्ट
अधिकारी ने बताया कि खुदाई करने वालों और यूटिलिटी मालिकों, दोनों को एसएमएस, ईमेल और इन-ऐप नोटिफिकेशन के जरिये रियल-टाइम अलर्ट भेजे जाते हैं। यूटिलिटी मालिकों को खुदाई की जानकारी भी मिलती है, जिसमें खुदाई की पूछताछ भी शामिल है। इमरजेंसी आवेदन 48 घंटे के अंदर प्रोसेस हो जाते हैं, जबकि दूसरों में सात दिन तक लग सकते हैं। ऐप और प्लैटफॉर्म 2023-24 में लॉन्च किया गया था।
चीफ सेक्रेटरी ने दिए थे आदेश
एक एमसीडी अफसर ने गुरुवार को बताया कि पिछले महीने स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की मीटिंग के दौरान, चीफ सेक्रेटरी ने इस ऐप का इस्तेमाल जरूरी करने का आदेश दिया था। अधिकारी ने आगे कहा, “आगे के सभी कॉन्ट्रैक्ट में खुदाई की एक्टिविटी की रिपोर्ट करने का क्लॉज भी शामिल किया जाएगा। अगर सभी एजेंसियों को शामिल किया जाता है, तो इससे पब्लिक सेफ्टी को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी क्योंकि खुदाई वाली सभी जगह एक ही प्लैटफॉर्म पर दिखाई देंगी।”
दो महीनों में कई वर्कशॉप और ट्रेनिंग
दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि CBuD प्लैटफॉर्म को चालू करने के लिए पिछले दो महीनों में कई वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए गए हैं।
अधिकारी ने कहा, “हमें बताया गया है कि पिछले कुछ सालों में प्लैटफॉर्म की पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। दिल्ली से प्लैटफॉर्म पर आवेदन और पूछताछ की संख्या बहुत कम है। हमारा टारगेट प्लैटफॉर्म पर सभी इंजीनियरों और रजिस्टर्ड कॉन्ट्रैक्टरों को कवर करना है।” लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी CBuD पोर्टल को लागू करने के लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है।




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