नोएडा के सियासी अखाड़े में उतरेंगी शालिनी सिंह? बृजभूषण की वकील बेटी ने BJP के दिग्गजों की बढ़ाई बेचैनी
नोएडा की राजनीति में एक नए चेहरे की एंट्री वाले कयासों से सियासी पारा गरमा गया है। उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह की बढ़ती सक्रियता ने जिले के पुराने दिग्गजों की नींद उड़ा दी है।

उत्तर प्रदेश की केसरगंज सीट से भाजपा सांसद रह चुके पहलवान बृजभूषण शरण सिंह की वकील बेटी शालिनी सिंह ने नोएडा के सियासी माहौल को गरमा दिया है। खुद को कट्टर भाजपाई बताने वाली शालिनी सिंह की पिछले 8 महीने से नोएडा में तेजी से सक्रियता बढ़ी है।
वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर शालिनी सिंह की सक्रियता को देखा जा रहा है। इससे अन्य राजनीतिक धुरंधरों की बेचैनी बढ़ गई है। 8 माह पहले एक सोसाइटी में हुए कवि सम्मेलन में मंच पर काव्य पाठ के बाद से शालिनी सिंह की सक्रियता बढ़ गई है। युवराज की मौत का मामला रहा हो या श्रमिक आंदोलन, जर्जर जनता फ्लैटों का मुद्दा और लोगों की अन्य समस्याएं, वह सभी को मंच से उठा रही हैं। वह क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंच कर अपनी संस्था ‘नोएडा सिटीजन फोरम’ के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने जिले के अखाड़ों की दशा सुधारने के लिए सहायता दी और वहां पर अपने खर्च से मैट आदि सामान की व्यवस्था कराई।
नोएडा की राजनीति में एक और नया धड़ा तैयार
उनकी इस सक्रियता को लेकर करीबी लोग दावा कर रहे हैं कि वह जिले की राजनीति में कदम रखने जा रही हैं और वह विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदार होंगी। हालांकि, उन्होंने खुलकर अपनी दावेदारी कहीं पर पेश नहीं की और न ही इन बातों का खंडन किया। इससे क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और विभिन्न धड़ों के बीच बंटी जिले की राजनीति में एक और नया धड़ा तैयार हो गया है।
सीट को लेकर अभी संशय
जिले में दो सीटों से वर्तमान में ठाकुर विधायक हैं। इनमें नोएडा विधानसभा सीट से पंकज सिंह विधायक हैं। उन्होंने प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी और जेवर विधानसभा सीट से धीरेंद्र सिंह विधायक हैं। ऐसे में वह किस सीट पर टिकट को लेकर दावेदारी करेंगी, इसको लेकर संशय है। पंकज सिंह प्रदेश की सियासत में बड़ा नाम हैं। वह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र हैं। जेवर से विधायक धीरेंद्र सिंह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी होने का दावा किया जाता है।
नोएडा के लोगों की सेवा करने में जुटी हूं : शालिनी सिंह
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने शालिनी सिंह से उनकी दावेदारी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह बहुत सालों से सामाजिक कार्य कर रही हूं। लोगों की सेवा में जुटी हूं। इसका फल मिलना होगा तो हनुमान जी की इच्छा। जमीन पर रहकर अपना काम कर रही हूं। क्षेत्र के लोग बुलाते हैं तो उनके बीच पहुंचती हूं।
स्थानीय मुद्दे उठा रहीं
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह बिहार के राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाले विशाल सिंह की पत्नी हैं। वह पेशे से वकील हैं और शिक्षा में भी जुड़ी हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन और लॉ की डिग्री हासिल की है। शालिनी सिंह इंदिरापुरम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से जुड़ी हैं। इसके तहत गाजियाबाद-एनसीआर, पटना और अयोध्या में छह स्कूल और तीन कॉलेज संचालित हैं। शालिनी सिंह खुद को समाजसेवक और कवियत्री कहती हैं। उन्होंने अब तक पांच किताबें लिखीं हैं। उन्होंने नोएडा सिटीजन फोरम के नाम से भी एक संस्था बना रखी है, जिसके माध्यम से वह स्थानीय मुद्दे उठाती रहती हैं।
ससुराल और मायका दोनों ही परिवार राजनीतिक
शालिनी सिंह की ससुराल और मायका दोनों ही बड़े राजनीतिक परिवार हैं। शालिनी के पिता बृजभूषण शरण सिंह छह बार सांसद रहे हैं। उनकी मां केतकी सिंह एक बार की सांसद हैं। वर्तमान में एक भाई करण भूषण सिंह केसरगंज से भाजपा के सांसद हैं और दूसरा भाई प्रतीक भूषण सिंह गोंडा विधानसभा से विधायक है। शालिनी की शादी बिहार के पूर्व सांसद स्व. अजीत सिंह और पूर्व सांसद मीना सिंह के बेटे विशाल सिंह से हुई है। शालिनी, पति विशाल के साथ वर्तमान में नोएडा में रहती हैं। विशाल भाजपा नेता हैं और मूलरूप से बिहार के आरा के रहने वाले हैं।




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