दिल्ली के BJP सांसद ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी; बढ़ती जनसंख्या को लेकर बड़ी मांग कर दी
देश की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए दिल्ली के एक बीजेपी सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पीएम से एक राष्ट्रीय जनसंख्या प्रबंधन नीति बनाने की मांग की है, ताकि टिकाऊ, समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके। कहा कि देश इस समय जनसांख्यिकीय रूप से एक अहम मोड़ पर खड़ा है।

देश की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए दिल्ली के एक बीजेपी सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पीएम से एक राष्ट्रीय जनसंख्या प्रबंधन नीति बनाने की मांग की है, ताकि टिकाऊ, समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके। कहा कि देश इस समय जनसांख्यिकीय रूप से एक अहम मोड़ पर खड़ा है।
बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह शिक्षा, परिवार नियोजन सेवाओं और क्षेत्र-विशेष की रणनीतियों पर आधारित एक राष्ट्रीय जनसंख्या प्रबंधन नीति बनाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में खंडेलवाल ने कहा कि 1.4 अरब से ज्यादा आबादी वाला यह देश इस समय जनसांख्यिकीय रूप से एक अहम मोड़ पर खड़ा है।
सेवाओं पर भी दबाव डाल रही
दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद ने कहा कि जहां एक ओर यह आबादी एक कीमती संपत्ति और विशाल मानव पूंजी का स्रोत है, वहीं दूसरी ओर यह प्राकृतिक संसाधनों, बुनियादी ढांचे, रोजगार के अवसरों और स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी सार्वजनिक सेवाओं पर भी लगातार दबाव डाल रही है।
विकास की यात्रा में बाधा
उन्होंने लिखा कि तेजी से बढ़ती आबादी शहरी भीड़भाड़, बढ़ती बेरोजगारी, पर्यावरण पर दबाव और जरूरी सेवाओं पर बोझ बढ़ाने में योगदान दे रही है। अगर एक व्यवस्थित नीतिगत ढांचे के जरिए इन चुनौतियों का समाधान नहीं किया गया तो ये चुनौतियां एक विकसित राष्ट्र बनने की हमारी यात्रा में बाधा डाल सकती हैं।
विशेष रणनीतियां अपनानी चाहिए
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी नीति जागरुकता, शिक्षा और स्वैच्छिक भागीदारी पर आधारित होनी चाहिए। साथ ही यह परिवार नियोजन सेवाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करे और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे। इसे अलग-अलग राज्यों में आबादी बढ़ने के अलग-अलग रुझानों से निपटने के लिए क्षेत्र-विशेष रणनीतियां भी अपनानी चाहिए।
जनसंख्या प्रबंधन और योजना की जरूरत
खंडेलवाल ने कहा कि देश इस समय 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' (जनसांख्यिकीय लाभांश) का अनुभव कर रहा है, जिसमें युवाओं का एक बड़ा हिस्सा कार्यबल में शामिल हो रहा है। लेकिन तेज आर्थिक विकास के लिए इस अवसर का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए उचित जनसंख्या प्रबंधन और योजना की जरूरत है।
डेमोग्राफिक बर्डन भी बन सकता है
उन्होंने कहा कि यदि समय पर हस्तक्षेप न किया गया तो यह अवसर एक 'डेमोग्राफिक बर्डन' (जनसांख्यिकीय बोझ) में भी बदल सकता है। सांसद ने कहा कि एक राष्ट्रीय नीति, संतुलित और समय-सीमा के भीतर जनसंख्या स्थिरीकरण हासिल करने में तथा जनसंख्या वृद्धि को आर्थिक क्षमता और संसाधनों की उपलब्धता के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
जल्द इस प्रक्रिया को शुरू करें
उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की योजना को भी मजबूत करेगी और टिकाऊ शहरीकरण तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी। इससे लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। खंडेलवाल ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वे जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को शुरू करें। यह नीति लंबे समय तक चलने वाले सुधारों और समावेशी विकास में सहायक होगी।
उन्होंने कहा कि एक अच्छी तरह से तैयार की गई राष्ट्रीय जनसंख्या प्रबंधन नीति भारत को 'विकसित भारत' बनाने की राह पर और मजबूत करेगी। यह सुनिश्चित करेगी कि हमारी जनसांख्यिकीय शक्ति, आर्थिक और सामाजिक समृद्धि में बदल जाए।




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