राघव चड्ढा को सड़क से उठाकर…; केजरीवाल की पार्टी ने अपने सांसद को बताया 'एहसान फरामोश'
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को एहसान फरामोश बताया। अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी चड्ढा पर बड़े ऐक्शन की तैयारी कर चुकी है। चड्ढा पर भाजपा से मिल जाने का आरोप लगाया गया है।

आम आदमी पार्टी (आप) इन दिनों अपने ही राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर बेहद आक्रामक है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अरविंद केजरीवाल की पार्टी एक ऐसे नेता पर बड़े ऐक्शन का मूड बना चुकी है जिन्हें कभी टॉप लीडरशिप का भरोसेमंद और मुख्य रणनीतिकार माना जाता था। 'आप' ने राघव चड्ढा को 'एहसान फरामोश' बताते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने एक सामान्य परिवार के लड़के को सड़क से उठाकर संसद तक पहुंचाया।
इसी महीने की शुरुआत में 'आप' ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से राघव चड्ढा को हटाकर उनक अटकलों को सच साबित किया जिनकी चर्चा तभी से थी जब अरविंद केजरीवाल के कथित शराब घोटाले में जेल जाने के बाद राघव चड्ढा पार्टी के दूसरे नेताओं की तरह केंद्र सरकार पर ज्यादा आक्रामक नजर नहीं आए। फरवरी के अंत में जब केजरीवाल को जब आरोप मुक्त करार दिया गया तब भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
ईडी के ऐक्शन के बाद राघव पर बिफरी पार्टी
राघव और उनकी पार्टी में अलगाव की घड़ी बुधवार को उस वक्त और करीब आ गई जब चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बनाए गए अशोक कुमार मित्तल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हुई। 'आप' ने इसके पीछे राघव चड्ढा का हाथ बताते साफ कर दिया कि राज्यसभा सांसद के सियासी सफर में नया मोड़ जल्द आ सकता है। पार्टी की तरफ से प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ जब मीडिया के सामने आईं तो उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा की भाजपा के टॉप लीडरशिप से मुलाकात हुई और उन्होंने ही मित्तल के खिलाफ ईडी छापेमारी की मांग की।
कहा- राघव चड्ढा ने पीठ में छुरा घोंपा
हाल के समय में आम लोगों को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों को संसद में उठाकर बेहद चर्चा में रहने वाले राघव चड्ढा को एहसान फरामोश करार देते हुए प्रियंक कक्कड़ ने कहा कि उन्हें पार्टी और इसके मुखिया ने सड़क से उठाकर सदन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, ‘इस बात का दुख है कि अरविंद केजरीवाल जी ने, आम आदमी पार्टी ने एक आम परिवार से आए लड़के को, एक सामान्य कार्यकर्ता को सड़क से उठाकर संसद तक पहुंचा दिया और बदले में वह कैसी कृतघ्न हरकतें कर रहा है। इस बात का दुख है। राघव चड्ढा की तरफ से पीठ में छुरा घोंपना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’
राघव चड्ढा ने साधी चुप्पी
पार्टी की तरफ से ताजा हमलों के बाद से राघव चड्ढा ने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है। वह अभी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। इससे पहले जब उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटाया गया था तो राघव चड्ढा ने पूछा था कि उनकी गलती क्या है, क्या आम लोगों की आवाज उठाने की वजह से उन्हें पद से हटा दिया गया और सदन में उनके बोलने पर रोक लगा दी गई?




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