दिल्ली-NCR बना गैस चैंबर, AQI पहुंचा 440 पार, 39 जगह रेड अलर्ट; सबसे प्रदूषित शहर कौन?
AQI बहुत खराब से फिसलकर गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 440 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी की सीमा 400 से काफी ऊपर है।

रविवार को दिल्ली NCR में जहरीली स्मॉग की मोटी परत छा गई। इससे एयर क्वालिटी में तेज गिरावट दर्ज की गई। AQI 'बहुत खराब' से फिसलकर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 440 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी की सीमा 400 से काफी ऊपर है।
गाजियाबाद सबसे प्रदूषित
शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 400 रिकॉर्ड किया गया था। गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई एक दिन पहले के 394 से बढ़कर 458 पहुंच गया, यानी 24 घंटे में 60 से अधिक अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। NCR के अन्य शहरों में भी हालात बेहद खराब रहे।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा का हाल
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई क्रमशः 430 और 402 दर्ज किया गया, जो दोनों ही 'गंभीर' श्रेणी में हैं। वहीं गुरुग्राम और फरीदाबाद की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां एक्यूआई क्रमशः 378 ('बहुत खराब') और 247 ('खराब') रहा।
39 निगरानी केंद्रों पर रेड अलर्ट
दिल्ली के सभी 39 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र 'रेड' श्रेणी में दर्ज किए गए, जो 'गंभीर' वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। रोहिणी शहर का सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जहां एक्यूआई 480 दर्ज किया गया। इसके बाद मुंडका और बवाना में एक्यूआई 479-479 रहा, जो 'गंभीर प्लस' श्रेणी में आता है। राजधानी के लगभग आधे निगरानी केंद्र या तो 'गंभीर प्लस' सीमा को पार कर गए या उसके बेहद करीब रहे।
राजधानी में GRAP -4 लागू
इस बीच, राजधानी में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-4 लागू कर दिया। इससे एक दिन पहले दिल्ली और एनसीआर में चरण-3 के उपाय लागू किए गए थे।
कड़े प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत क्षेत्र के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि सरकारी कार्यालयों से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम करने का आग्रह किया गया है, ताकि वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके, जो पीएम2.5 प्रदूषण का प्रमुख कारण है।




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