दिल्ली में 368 करोड़ की लागत से बन रहा देश का पहला हाईटेक आतंकरोधी मुख्यालय; ये होंगी सुविधाएं
राजधानी दिल्ली को जल्द ही देश का पहला हाईटेक आतंकरोधी मुख्यालय मिलने जा रहा है। 350 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा यह भवन‘ब्लास्ट-प्रूफ’ इंटीग्रेटेड एंटी-टेरर सुविधाओं से लैस होगा, जो हवाई हमलों से बचाव में भी सक्षम होगा।

आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए राजधानी दिल्ली में देश का पहला ‘ब्लास्ट-प्रूफ’ इंटीग्रेटेड एंटी-टेरर मुख्यालय तैयार किया जा रहा है।
करीब 368 करोड़ रुपये की लागत से दक्षिण दिल्ली के लोधी कॉलोनी क्षेत्र में इस अत्याधुनिक मुख्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसे इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि बम धमाके, आत्मघाती हमले या आईईडी विस्फोट जैसी परिस्थितियों का भी इस पर कम से कम प्रभाव पड़े। भवन को एक सुरक्षित और अभेद्य कमांड सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी व्यवस्था होगी। इसमें हवाई हमले से बचाव की सुविधा भी होगी।
तकनीक से लैस होगा
यह देश का पहला ऐसा आतंकवाद-रोधी मुख्यालय होगा जो पूरी तरह विस्फोटक-सुरक्षित होगा। भवन में अत्याधुनिक ‘वार रूम’, हाईटेक साइबर फॉरेंसिक लैब और आधुनिक इनडोर फायरिंग रेंज स्थापित की जाएगी। यहां से आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ साइबर अपराध, नकली भारतीय मुद्रा, अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच भी की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह मुख्यालय देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ाएगा।
सात विशेष इकाइयां एक छत के नीचे आएंगी
वर्तमान में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की सात प्रमुख इकाइयां—एसआईटी, काउंटर इंटेलिजेंस, काउंटर टेररिज्म, स्वैट, सिटी सस्पेक्ट सर्विलांस, मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) और मुख्यालय शाखा—फिलहाल अलग-अलग स्थानों से संचालित होती हैं। नए एंटी-टेरर हेडक्वार्टर के बनने के बाद सभी इकाइयां एक ही परिसर में काम करेंगी।
ये मुख्य सुविधाएं होंगी
● बम धमाकों और आईईडी हमलों से सुरक्षित अभेद्य सुरक्षा घेरा
● आपात स्थिति के लिए एयर एवैक्युएशन सुविधा उपलब्ध होगी
● अत्याधुनिक वार रूम और साइबर फॉरेंसिक लैब बनाई जाएगी
● हाईटेक साइबर फॉरेंसिक लैब और आधुनिक इनडोर फायरिंग रेंज स्थापित की जाएगी




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