दिल्ली-NCR की 462 फैक्टरियों पर होगी कार्रवाई, सीपीसीबी ने प्रदूषण रोकने में नाकाम पाया
प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने वाले दिल्ली-एनसीआर के फैक्टरियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसी 400 से ज्यादा फैक्टरियों की पहचान की है। एनसीआर क्षेत्र में स्थित इन फैक्टरियों पर कार्रवाई के निर्देश संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए गए हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने प्रदूषण की निगरानी के लिए आवश्यक उपकरण नहीं लगाने वाली 400 से ज्यादा फैक्टरियों की पहचान की है। एनसीआर क्षेत्र में स्थित इन फैक्टरियों पर कार्रवाई के निर्देश संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उद्योगों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए कुछ खास श्रेणी के उद्योगों में प्रदूषण उत्सर्जन की सीधी निगरानी की जाती है। इसके लिए इन फैक्टरियों में ऑनलाइन कांटीन्यूअस इमीशन मॉनीटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सिस्टम में खास प्रकार के कैमरे और उपकरण लगाए जाते हैं, जिनके जरिए फैक्टरी से होने वाले उत्सर्जन की सीधी निगरानी होती है। इन उपकरणों को सीपीसीबी के पोर्टल से जोड़ा जाता है, ताकि वास्तविक समय में प्रदूषण की स्थिति का पता चल सके।
सीपीसीबी ने एनसीआर क्षेत्र में ऐसी 462 फैक्टरियों की पहचान की है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीपीसीबी ने सभी राज्य प्रदूषण बोर्ड को इन फैक्टरियों के बारे में जानकारी देकर इनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
राजधानी में प्रदूषण को देखते हुए सीपीसीबी ने बड़े स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई करना है, जिससे कि वातावरण साफ-सुथरा रहे और लोगों को दिक्कतें नहीं हो।
इसमें दिल्ली के तीन और बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, भिवानी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, नूह, पलवल, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, अलवर, खैरथल-तिजारा, गाजियाबाद, हापुड़ आदि जिलों के उद्योग शामिल हैं। यहां ओसीईएम सिस्टम निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते यहां पर प्रदूषण के उत्सर्जन की सीधी निगरानी करना संभव नहीं हो पा रहा है। सीपीसीबी ने इन सभी फैक्टरियों के नाम जारी करते हुए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई करने को कहा है।




साइन इन