पश्चिम बंगाल चुनाव की तुलना संजय सिंह ने ईरान युद्ध से कर डाली, ममता बनर्जी की हार पर बिफरे
अपने वीडियो में AAP नेता संजय सिंह ने कहा, 'बंगाल में जो कुछ भी हुआ, आज उसको लेकर टीवी चैनल पर जश्न मनाया जाएगा, गोदी मीडिया उसके बारे में बड़ी-बड़ी बात करेगा, तमाम उपलब्धियां गिनाएगा मोदीजी की, अमित शाह जी की।

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम सोमवार को घोषित कर दिए गए। इस दौरान पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी बड़ा उलटफेर करती नजर आ रही है और प्रदेश की 294 में से 204 सीटों पर जीत हासिल करती दिख रही है। हालांकि चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की हार होते देख आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह बिफर गए हैं और उन्होंने इसे SIR के घपले, चुनाव आयोग के घपले और मोदी-शाह द्वारा सुरक्षाबलों के बेजा इस्तेमाल की जीत बताया है। उनका कहना है कि इसे लोकतंत्र की जीत कतई नहीं कहा जाना चाहिए क्योंकि इस चुनाव में 27 लाख लोगों को मताधिकार से वंचित कर दिया गया।
संजय सिंह ने यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए दी। इस दौरान उन्होंने बंगाल चुनाव की तुलना हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्ध से भी की। सिंह ने कहा कि ईरान युद्ध में अमेरिका ने 50 हजार सैनिक लगाए थे, जबकि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ढाई लाख सुरक्षाबलों को लगा दिया।
AAP सांसद ने पूछा- क्या ये वास्तव में लोकतंत्र की जीत
अपने वीडियो में AAP नेता संजय सिंह ने कहा, 'बंगाल में जो कुछ भी हुआ, आज उसको लेकर टीवी चैनल पर जश्न मनाया जाएगा, गोदी मीडिया उसके बारे में बड़ी-बड़ी बात करेगा, तमाम उपलब्धियां गिनाएगा मोदीजी की, अमित शाह जी की और भारतीय जनता पार्टी की रणनीति की, लेकिन क्या ये वास्तव में लोकतंत्र की जीत है, क्या ये वास्तव में जनता के फैसले की जीत है। क्या आज इस चुनाव परिणाम के पीछे का जो सच है, वो इस देश के लोगों को भूल जाना चाहिए और सिर्फ भाजपा के लोगों का गुणगान करना चाहिए।'
'क्या इतने कम अंतर से चुनाव जीत सकती थी भाजपा'
आगे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा, 'सारी चीजों का मूल्यांकन होना चाहिए। किस तरह बंगाल के चुनाव को चुनाव आयोग ने प्रभावित किया, किस तरह SIR के जरिए वोटों को लूटा गया।' उन्होंने कहा कि जानकारी मिल रही है कि इस चुनाव में भाजपा और तृणमूल को मिले वोटों में सिर्फ 3 से 4 लाख वोटों का अंतर है, या 2 से 4 प्रतिशत मतों का ही अंतर है। आगे उन्होंने कहा, 'क्या सचमुच में इतने प्रतिशत वोटों के अंतर के साथ भाजपा चुनाव जीत सकती थी..बिल्कुल नहीं।'
'27 लाख लोगों को वोट नहीं डालने दिया गया'
आगे अपनी बात समझाते हुए AAP सांसद ने कहा, 'ये अंतर भले ही 3 से 4 लाख वोटों का दिख रहा हो, लेकिन 27 लाख लोगों को वोट नहीं डालने दिया गया। अगर आज वो 27 लाख मतदाता अपना मतदान करने से वंचित नहीं रहे होते तो क्या आपको भाजपा की इतनी बड़ी जीत देखने को मिलती, बिल्कुल नहीं मिलती। इस देश के सामने एक अलग तरह का परिणाम होता।'
संजय बोले- ये लोकतंत्र की नहीं, बल्कि लूटतंत्र की जीत है
आगे उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से 27 लाख मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित कर दिया गया, इसलिए ये बंगाल में जो भाजपा की जीत है, दरअसल ये लूटतंत्र की जीत है, लोकतंत्र की जीत नहीं है। किस तरह से वहां केंद्रीय सुरक्षाबलों का इस्तेमाल किया गया, लगभग-लगभग ढाई लाख सुरक्षाबलों को वहां लगाया गया। ढाई लाख सुरक्षाबल लगाए गए, कल्पना कीजिए। अमेरिका ने ईरान से लड़ने के लिए 50 हजार सैनिकों का इस्तेमाल किया था, और भारत में मोदीजी की सरकार ममता बनर्जी से लड़ने के लिए ढाई लाख सैनिकों का इस्तेमाल करती है, इतनी बड़ी दुश्मनी ये निभाई जा रही है।'
'ये SIR के घपले व ज्ञानेश कुमार के घोटाले की जीत'
आगे उन्होंने कहा, ‘सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता, ये SIR के घपले की जीत है, ये ज्ञानेश कुमार को घोटाले की जीत है, ये मोदी-अमित शाह द्वारा केंद्रीय सुरक्षाबलों के बेजा इस्तेमाल की जीत है, ये मोदी-अमित शाह के इशारे पर चुनाव आयोग एजेंट बनकर जिस तरह से भाजपा के लिए काम कर रहा था, ये उसकी जीत है। ये लोकतंत्र की जीत नहीं है।’




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