फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में 46 अवैध OYO होटल सील, नगर निगम का दोबारा बड़ा ऐक्शन
Faridabad News : फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ नगर निगम ने मंगलवार को शहर में चल रहे 46 अवैध होटल सील कर दिए। इनमें 44 ओयो होटलों को पहले सील किया जा चुका था। जो सील तोड़कर दोबारा चलाए जा रहे थे। इनको दोबारा सील किया गया है।

Faridabad News : फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ नगर निगम ने मंगलवार को शहर में चल रहे 46 अवैध होटल सील कर दिए। इनमें 44 ओयो होटलों को पहले सील किया जा चुका था। जो सील तोड़कर दोबारा चलाए जा रहे थे। इनको दोबारा सील किया गया है। निगम की कार्रवाई के दौरान होटल संचालकों ने विरोध किया और नारेबाजी की। निगम ने सील तोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पुलिस में शिकायत भी दे दी है।
बल्लभगढ़ की नबलू कॉलोनी में मंगलवार को नगर निगम की टीम ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। संयुक्त आयुक्त करण सिंह की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया, जबकि एसडीओ हितेश दहिया ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौके पर तैनात रहे। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर 3 बजे तक जारी रही। प्रशासन ने पहले से चिन्हित किए गए होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई की और सभी प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूरा किया। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान शहर में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जरूरी है।
सील तोड़कर दोबारा संचालन करना पड़ा भारी
नगर निगम के अनुसार जिन होटलों को पहले सील किया गया था, उनमें से कई संचालकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए सील तोड़ दी और दोबारा होटल चलाने लगे। यह प्रशासनिक आदेशों का सीधा उल्लंघन माना गया। इसी को देखते हुए दोबारा सख्त कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में अब कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। संबंधित होटल संचालकों के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से ही व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।
विरोध के बीच कार्रवाई पूरी, पुलिस रही तैनात
कार्रवाई के दौरान कुछ होटल संचालकों ने विरोध जताया और नारेबाजी की। झिलमिल होटल पर स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई, जब संचालकों ने प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लगाए। पुलिस की मौजूदगी के कारण हालात नियंत्रण में रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
होटल संचालन के लिए ये नियम हैं जरूरी
● भवन का स्वीकृत नक्शा अनिवार्य
● भूमि उपयोग की अनुमति
● नगर निगम से व्यापार लाइसेंस
● अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र जरूरी
● सभी कमरों में अग्निशमन यंत्र और फायर अलार्म होना चाहिए
● आपातकालीन निकास की व्यवस्था अनिवार्य
● सभी मेहमानों की पहचान दर्ज करना जरूरी
● विदेशी मेहमानों के लिए निर्धारित प्रपत्र भरना अनिवार्य आदि।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए
इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पहले कुछ होटलों को नजरअंदाज किया गया, जिससे अवैध संचालन जारी रहा। उन्होंने मांग की कि सभी अवैध होटलों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि ऐसे होटल इलाके के माहौल को प्रभावित करते हैं और सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करते हैं। इस पर निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
अभियान सख्ती से जारी रहेगा
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि शहर में अवैध रूप से चल रहे होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था और नियमों का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें।




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