दिल्ली में 45% पानी सप्लाई ठप, इन 2 वजहों से गहराया जल संकट; कब तक रहेगी किल्लत?
इस वजह से दिल्ली में करीब 45 फीसदी तक पानी सप्लाई कम हो गई है। इससे दिल्ली के आधे से ज्यादा हिस्से में पीने वाले पानी की किल्लत हो गई है। जानिए पेयजल की समस्या कब तक बरकरार रह सकती है।

हरियाणा से कम पानी आने और यमुना में अमोनिया बढ़ने से दिल्ली जल बोर्ड के 6 जल शोधन संयंत्रों से पानी आपूर्ति प्रभावित हो गई है। इनमें से एक 135 एमजीडी क्षमता का वजीराबाद जल शोधन संयंत्र मंगलवार सुबह नौ बजे से बंद है। इस वजह से दिल्ली में करीब 45 फीसदी तक पानी सप्लाई कम हो गई है। इससे दिल्ली के आधे से ज्यादा हिस्से में पीने वाले पानी की किल्लत हो गई है। अनुमान लगाया गया है कि 4 फरवरी तक पेयजल किल्लत की समस्या बरकरार रह सकती है।
हरियाणा ने पानी की धारा को मोड़ दिया
जल बोर्ड हर दिन करीब 1 हजार एमजीडी पानी सप्लाई करता है। इसमें से करीब 250 एमजीडी गंगा का पानी उत्तर प्रदेश के रास्ते आता है। करीब 100 एमजीडी पानी ट्यूबवेल के जरिये आपूर्ति होती है। बाकी शेष पानी हरियाणा के रास्ते यमुना से आता है। जल बोर्ड के अनुसार हरियाणा के सिंचाई व जल संसाधन विभाग ने पानी को मोड़ दिया है। इस वजह से दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) नहर से पानी आना बंद हो गया है।
पक्की मूनक नहर से पानी का अधिकतम डायवर्जन किया जा चुका है। हरियाणा के सिंचाई व जल संसाधन विभाग ने 19 जनवरी को पत्र लिखकर यह बताया भी है। सोमवार को करीब 32 प्रतिशत कम पानी की आपूर्ति रही। इस वजह से करीब 680 एमजीडी पानी की आपूर्ति की गई।
अमोनिया के चलते बंद हुई मशीन
मंगलवार को यमुना अमोनिया का स्तर पांच पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) पहुंच गया। इससे वजीराबाद जल शोधन संयंत्र को पूरी तरह बंद करना पड़ा। लिहाजा मंगलवार को सोमवार की तुलना में भी पानी आपूर्ति कम हो गई।
इन संयंत्रों से पानी आपूर्ति हुई कम
वजीराबाद के अलावा हैदरपुर, बवाना, नांगलोई, द्वारका व चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है। हैदरपुर व चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से करीब 30 प्रतिशत, द्वारका, नांगलोई व बवाना जल शोधन संयंत्र से 50 प्रतिशत तक पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है। जल बोर्ड का कहना है कि वह लगातार समीक्षा कर रहा है और पानी आपूर्ति को तर्कसंगत बनाने की कोशिश कर रहा है।
हरियाणा के खूबरू से छोड़ा गया पानी
जल बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि दोपहर मेंं हरियाणा ने खूबरू से पानी छोड़ा है, जो मध्य रात्रि के बाद दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। तब वजीराबाद संयंत्र से दोबारा पानी आपूर्ति शुरू होगी। 50 प्रतिशत क्षमता के साथ इस संयंत्र को चलाया जाएगा।




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