2.5 लाख से अधिक संपत्तियों के सौदे इनकम टैक्स के रडार पर, गुरुग्राम-फरीदाबाद में सबसे ज्यादा टैक्स चोरी की आशंका
आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनको टैक्स चोरी के बारे में काफी जानकारी मिल रही थी। बीते साल उनकी टीमों ने छह राज्यों की 40 तहसीलों में जाकर खरीद-फरोख्त किए गए सौदों की जांच की गई।

देश के उत्तर-पश्चिमी इलाके में टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए आयकर विभाग ने बड़े अभियान छेड़ दिया है। आयकर विभाग ने देश के छह राज्यों में अभियान चलाकर 40 से ज्यादा तहसीलों में जांच करने पर ढाई लाख से ज्यादा संपत्ति के सौदे जांच के घेरे में आए हैं। इन सौदों की कीमत तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
आयकर विभाग की इस कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर और संपत्ति खरीदारों-बेचने वालों में हड़कंप मच गया है। वहीं हरियाणा सरकार ने भी सभी राजस्व विभाग के अधिकारी और जिले के उपायुक्तों को रजिस्ट्री में मिली खामियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के सख्त निर्देश भी जारी किए हैं।
आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनको टैक्स चोरी के बारे में काफी जानकारी मिल रही थी। बीते साल उनकी टीमों ने छह राज्यों की 40 तहसीलों में जाकर खरीद-फरोख्त किए गए सौदों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि सभी तहसीलों में लगभग ढ़ाई लाख सौदों पर रजिस्ट्री हुई और इनकी कीमत तीन लाख करोड़ से ज्यादा थी।
आयकर विभाग की अब तक की जांच में सामने आया कि इस आंकड़े का 80 फीसदी हिस्सेदारी हरियाणा के गुरुग्राम की वजीराबाद और फरीदाबाद की बल्लभगढ़ तहसील की मिली। आयकर विभाग की खुफिया एवं आपराधिक विंग ने वर्ष 2025-26 के दौरान गुरुग्राम की वजीराबाद तहसील और फरीदाबाद की बल्लभगढ़ तहसील समेत 40 से अधिक राजस्व कार्यालयों में सर्वे और स्पॉट सत्यापन किया है।
पांच हजार करोड़ की कर चोरी का शक
आयकर विभाग के द्वारा अकेले गुरुग्राम की वजीराबाद तहसील में किए गए सर्वे से संकेत मिले हैं कि यहां सालाना पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स चोरी हो रही है। जांच में पाया गया कि कई बड़े सौदों की जानकारी विभाग को नहीं दी गई या फिर खरीदार-विक्रेता के स्थायी खाता संख्या (पेन) की जानकारी गलत या अधूरी भरी गई। इससे टैक्स चोरी को ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था। अधिकारियों का अनुमान है कि पूरे देश में बिना पेन या गलत जानकारी के रिपोर्ट किए गए संपत्ति सौदों का आंकड़ा साढ़े लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। 22 जिलों की 93 तहसीलों में की गई जांच में पैन की जानकारी गायब पाई गई।
आईटीआर सुधार का मौका
टैक्स चोरी करने वालों की पहचान के बाद आयकर विभाग सीधे नोटिस भेजने के बजाय नज (मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए डेटा का गैर-हस्तक्षेपकारी उपयोग) तकनीक अपना रहा है। इसके तहत विभाग उन करदाताओं को ई-मेल के जरिये सूचित कर रहा है, जिनके आयकर रिटर्न (आईटीआर) और संपत्ति सौदे के बीच विसंगतियां मिली हैं। विभाग करदाताओं को अपना रिटर्न संशोधित करने और स्वैच्छिक अनुपालन का मौका दे रहा है।
अधिकारियों पर दबाव
हरियाणा सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी उपायुक्तों (डीसी) को निर्देश दिए हैं कि वे संपत्ति पंजीकरण में लंबित पेन डिटेल तुरंत जमा करना सुनिश्चित करें। आयकर अधिनियम की धारा 285बीए(1) के तहत, 30 लाख रुपये से अधिक के सौदों पर वित्तीय लेनदेन विवरण जमा करना अनिवार्य है।
हरियाणा के अलावा इन राज्यों में भी हुई कार्रवाई
यह अभियान केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के राजस्व कार्यालय भी शामिल हैं। विभाग अब इन कार्यालयों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि भविष्य में डेटा में कोई गड़बड़ी न हो।
जांच में ये तथ्य सामने आए
02 लाख से ज्यादा सौधे विभागों को संदिग्ध पाए गए
03 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले संपत्ति सौदों की जांच हो रही
40 से अधिक तहसीलों में जांच की गई
30 लाख से अधिक के सौदों की जानकारी देना अनिवार्य
05 हजार करोड़ की कर चोरी का वजीराबाद तहसील में शक




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