बुलडोजर के निशाने पर गुरुग्राम की 200 अवैध कॉलोनियां, 20 हजार अवैध निर्माण भी होंगे ध्वस्त; क्या है वजह
हरियाणा में स्टिल्ट प्लस फोर मंजिला निर्माण के नाम पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण करने वालों पर सख्ती शुरू हो गई है। नगर निगम की आंतरिम रिपोर्ट में बीस हजार से अधिक अवैध निर्माण होने की बात सामने आई है। इसे हटाए जाने हैं।

हरियाणा में स्टिल्ट प्लस फोर मंजिला निर्माण के नाम पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण करने वालों पर सख्ती शुरू हो गई है। नगर निगम की आंतरिम रिपोर्ट में 20 हजार से अधिक अवैध निर्माण होने की बात सामने आई है। इसे हटाए जाने हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में अपनाए गए कड़े रुख और हालिया अंतरिम आदेशों के बाद, हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में हड़कंप मच गया है। निदेशालय ने प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए अति आवश्यक नोटिस जारी करते हुए गुरुवार को रात 9:30 बजे तक हर हाल में अवैध निर्माण और उस पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन निगम की तरफ से शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट नहीं दी गई।
हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका (सुनील सिंह बनाम हरियाणा राज्य) पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 जैसे क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण के बाद जारी किए गए आदेश फिलहाल गुरुग्राम जिले पर केंद्रित हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे और नियमों के उल्लंघन को लेकर अदालत का रुख बेहद सख्त है। अदालत ने नगर पालिकाओं और राज्य के अधिकारियों को खुली छूट देते हुए उन सभी निर्माणों और अतिक्रमणों को तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं, जो नगर पालिका के तय मानदंडों का उल्लंघन करते हैं।
निदेशालय की सख्त चेतावनी
निदेशालय ने चेतावनी दी है कि रिपोर्ट सौंपने में देरी को हाईकोर्ट में राज्य के बचाव में बाधा माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि निगम की तरफ से शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।
इन प्रमुख मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश
सड़कों पर किए गए सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। विशेष रूप से घरों के बाहर ग्रीन बेल्ट में किए गए अवैध निर्माण, ऊंची चारदीवारी और रैंप को तुरंत ध्वस्त किया जाएगा। आवासीय भूखंडों में स्टिल्ट पार्किंग फ्लोर को कमरों में तब्दील करने उस पर अवैध कब्जा करने के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया जाएगा। चौथी मंजिल के पंजीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के नाम पर प्राप्त राशि का पुराने रिकॉर्ड्स के साथ गहन मिलान किया जाएगा।
नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रहीं
निगम की एक आंतरिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार स्टिल्ट प्लस 4 की आड़ में पूरे गुरुग्राम शहर की 200 से अधिक कॉलोनियों में 20 हजार से अधिक अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं। बिल्डरों और भूखंड मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर चार मंजिल की जगह पांच से छह मंजिला तक गगनचुंबी इमारतें बना ली हैं। शहर से सटे गांवों और लाल डोरा क्षेत्रों में तो हालात और भी बदतर हैं। यहां किराये के लिए नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नगर निगम की कार्रवाई सिफर
लोगों ने अपने घरों के आगे बड़े-बड़े और ऊंचे रैंप बनाकर मुख्य सड़कों और गलियों को बेहद संकरा कर दिया है। इससे रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस या फायर टेंडर का निकलना भी नामुमकिन हो गया है। इस पूरी बदहाली के लिए नगर निगम का लचर रवैया सबसे बड़ा जिम्मेदार है। निगम ने चारों जोनों में अवैध निर्माण रोकने के लिए चार अलग-अलग इनफोर्समेंट (प्रवर्तन) टीमों का गठन किया हुआ है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती।




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