मेट्रो कॉरिडोर पर केबल चोरी की घटनाएं रोकने DMRC ने निकाला 32 करोड़ का तरीका, जानिए क्या है तैयारी
सालभर में केबल चोरी की 80 से अधिक घटनाएं होती हैं। जून 2024 से मई 2025 के बीच मेट्रो कॉरिडोर पर केबल चोरी की 89 घटनाएं हुईं। जिसमें 32 सिग्नल केबल चोरी, 35 ट्रैक्शन केबल चोरी और 22 इलेक्ट्रिकल केबल चोरी की घटनाएं शामिल थीं।

राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो कॉरिडोर पर लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाएं एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। जिसे देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने मेट्रो कॉरिडोर पर लगे केबल को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए निगम ने सबसे ज्यादा केबल चोरी की घटनाओं वाले विभिन्न कॉरिडोर को चिह्नित करते हुए कुल 175 किलोमीटर की लंबाई वाली कॉपर केबल बदलने का निर्णय लिया है। इन जगहों पर कॉपर केबल की जगह एल्युमिनियम से बनी केबल लगाई जाएगी। DMRC के अनुसार इस पहल का मकसद केबल चोरी की घटनाओं को रोकना है। इस दौरान 32.59 करोड़ की लागत से 33 किलोवाट के 175 किलोमीटर केबल बदले जाएंगे।
इस वजह से चोरों के निशाने पर रहते हैं कॉपर केबल
इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए DMRC ने बकायदा इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। टेंडर आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब डेढ़ साल में यह काम पूरा होगा। अधिकारियों ने बताया कि कॉपर (तांबे) से बने केबल महंगे होने के कारण अक्सर चोरों के निशाने पर रहते हैं और इसी वजह से केबल चोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
सालभर में सामने आई चोरी की 89 घटनाएं
उन्होंने बताया कि सालभर में केबल चोरी की 80 से अधिक घटनाएं होती हैं। जून 2024 से मई 2025 के बीच मेट्रो कॉरिडोर पर केबल चोरी की 89 घटनाएं हुईं। जिसमें 32 सिग्नल केबल चोरी, 35 ट्रैक्शन केबल चोरी और 22 इलेक्ट्रिकल केबल चोरी की घटनाएं शामिल थीं।
अधिकारियों ने बताया कि सिग्नल केबल चोरी होने के बाद तो मेट्रो का परिचालन भी प्रभावित होता है। ऐसे में केबल चोरी के कारण प्रभावित कॉरिडोर पर कई बार पूरे दिन 25 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से मेट्रो का परिचालन करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने ही चोरों ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर धौला कुआं के पास 800 मीटर सिग्नल केबल काट दिए थे।
रेड लाइन पर केबल चोरी की घटनाएं ज्यादा
अधिकारियों की मानें तो रेड लाइन (रिठाला-शहीद स्थल नया बस अड्डा गाजियाबाद) पर केबल चोरी की घटनाएं सबसे अधिक होती है। इस कॉरिडोर पर शास्त्री पार्क से सीलमपुर व वेलकम के बीच के हिस्से पर केबल चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा ब्लू लाइन पर यमुना बैंक के आसपास के हिस्से, मजेंटा लाइन पर जसोला विहार-ओखला पक्षी विहार और यलो लाइन पर जहांगीरपुरी के आसपास के कॉरिडोर पर भी पहले केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। DMRC को उम्मीद है कि कॉपर के केबल की जगह एल्युमिनियम के केबल लगाए जाने से चोरी की घटनाएं रुकेंगी।




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