1000 unauthorised colonies established in Faridabad in 10 years फरीदाबाद में 10 सालों में बसाई गईं 1000 अवैध कॉलोनियां, जांच में हुआ खुलासा, Ncr Hindi News - Hindustan
More

फरीदाबाद में 10 सालों में बसाई गईं 1000 अवैध कॉलोनियां, जांच में हुआ खुलासा

फरीदाबाद और पलवल जिले में पिछले करीब दस वर्षों के दौरान एक हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां काटे जाने का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच में यह जानकारी सामने आई है।

Mon, 9 March 2026 07:13 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
share
फरीदाबाद में 10 सालों में बसाई गईं 1000 अवैध कॉलोनियां, जांच में हुआ खुलासा

फरीदाबाद और पलवल जिले में पिछले करीब दस वर्षों के दौरान एक हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां काटे जाने का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच में यह जानकारी सामने आई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर ब्यूरो की टीम अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। ब्यूरो की टीम संबंधित विभागों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार ब्यूरो की टीम फरीदाबाद और पलवल में विकसित हुई इन अवैध कॉलोनियों के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी जुटा रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:फरीदाबाद के इन इलाकों से गुजरेगा ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड,1550 करोड़ का बजट मंजूर

सात बिंदुओं पर की जा रही जांच

जांच सात बिंदुओं काे आधार बनाकर की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां किस प्रकार विकसित हो गईं और संबंधित विभागों ने समय रहते इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए। इसके साथ ही टीम यह भी जांच कर रही है कि इन अवैध कॉलोनियों के कारण सरकार को राजस्व के रूप में कितना नुकसान हुआ है। अवैध रूप से काटी गई कॉलोनियों में प्लॉट बेचकर लाखों रुपये का लेन-देन किया गया, लेकिन अधिकांश मामलों में सरकार को विकास शुल्क, लाइसेंस शुल्क और अन्य करों का लाभ नहीं मिल सका।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ग्रेटर फरीदाबाद में 12 नए सेक्टर बसाने की योजना, HSVP के सामने क्या बड़ा संकट?

रोक लगने के बाद भी काटी गईं बड़े पैमाने पर कॉलोनियां

प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के बावजूद फरीदाबाद और पलवल में बड़े पैमाने पर कॉलोनियां काटी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में इनमें से काफी कॉलोनियों में आबादी बसने के कारण मंजूरी भी दे दी गई। जिससे इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ब्यूरो की टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन कॉलोनियों के विकास के दौरान स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की क्या भूमिका रही। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो कार्रवाई भी होसकती है।

बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा

शहर में लगातार बढ़ रही अवैध कॉलोनियों के कारण बुनियादी ढांचे पर भी दबाव बढ़ रहा है। कई कॉलोनियों में सड़क, सीवर, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं का अभाव है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है, लेकिन ब्यूरो को राजस्व विभाग से रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:फरीदाबाद को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा 31KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, ये है रूट
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।