खत्म होगा LPG संकट? भारत और यूएई में हो गई बड़ी डील; PM ने ईरानी हमलों की निंदा की
ईरान युद्ध के बीच दुनियाभऱ में ऊर्जा संकट के बीच भारत और यूएई में बड़ी एनर्जी डील हुई है। दोनों देशों में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर समझौता किया गया है। जानकारों का कहना है कि इस डील से भारत को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय यूएई के दौरे पर हैं।

ईरान युद्ध के बीच दुनियाभऱ में ऊर्जा संकट के बीच भारत और यूएई में बड़ी एनर्जी डील हुई है। दोनों देशों में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर समझौता किया गया है। जानकारों का कहना है कि इस डील से भारत को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय यूएई के दौरे पर हैं। उन्होंने यूएई में ईरानी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि वह शांति स्थापित करने के लिए हर तरह की मदद करने को तैयार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि होर्मजु स्ट्रेट से आवाजाही सुनिश्चि करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए जो कुछ जरूरी होगा किया जाएगा। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी का भी फ्रेमवर्क बनाया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री चार घंटे के लिए यूएई पहुंचे थे और इसके बाद वह यूरोप के दौरे पर नकिल जाएंगे।
क्या डील हुई है
भारत और यूएई के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडर को लेकर समझौता किया गया है। दोनों देशें के बीच रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर भी समझौता किया गया है। यूएई ने भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर, और आरबीएल में बड़ा निवेश करने का आभी ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक यूएई करीब 5 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट कहा, ''अबू धाबी हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए मैं अपने भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का आभार व्यक्त करता हूं।' उन्होंने कहा, '' मैं ऊर्जा, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भारत और यूएई के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से होने वाली हमारी चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं।'
भारतीय जहाजों को निशाना बनाने पर भड़का यूएई
UAE ने ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ''आतंकवादी हमला'' और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की स्थिरता के लिए ''खतरे में वृद्धि'' करार दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, सोमालिया से रवाना हुआ यह वाणिज्यिक पोत बुधवार को हमले का शिकार हुआ।
मंत्रालय ने कहा कि पोत के चालक दल के सभी 14 सदस्यों को ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया। हमला किसने किया, इसका तत्काल पता नहीं चल पाया है। यूएई के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा, ''यूएई ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले पोत पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और महत्वपूर्ण जलमार्गों की स्थिरता को कमजोर करने वाला है।''
यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हुई, जो ओमान तट के पास स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है और जहां से दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति होती है। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण इस क्षेत्र की स्थिति पहले से ही नाजुक बनी हुई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
एमओएफए ने कहा कि भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है, जिसमें समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित किया गया है और वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डालने का विरोध किया गया है।




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