क्या अग्निमित्रा पॉल होंगी बंगाल की नई मुख्यमंत्री? अचानक पहुंचीं दिल्ली; अटकलों का बाजार गर्म
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल कोलकाता से दिल्ली पहुंच गई हैं, जिससे सियासी हलचल बढ़ गई है। सियासी पंडितों के अनुसार, अचानक यह यात्रा बिना उद्देश्य की नहीं है। पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के अंतिम चरण में दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से उनकी मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, लेकिन अंतिम फैसला भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। इस बीच बुधवार को भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल कोलकाता से दिल्ली पहुंच गईं, जिससे सियासी हलचल बढ़ गई है। सियासी पंडितों के अनुसार, अचानक यह यात्रा बिना किसी उद्देश्य की नहीं है। पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के अंतिम चरण में दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से उनकी मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों के मुताबिक, भाजपा ने 293 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई। इस निर्णायक जनादेश के बाद भाजपा का पूरा ध्यान अब मुख्यमंत्री चयन पर केंद्रित है। पार्टी के अंदर पिछले 24 घंटों में विचार-विमर्श तेज हो गया है। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, हालांकि भाजपा ने अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है।
इसी बीच अग्निमित्रा पॉल की दिल्ली यात्रा ने नया मोड़ दे दिया है। हाल के महीनों में उन्होंने पार्टी के भीतर अपनी पकड़ मजबूत की है। उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट पर टीएमसी के तापस बनर्जी को 40839 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इसके अलावा, इस साल भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल इकाई का उपाध्यक्ष भी बनाया था। खबर है कि पार्टी के अंदरखाने महिला मुख्यमंत्री की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। यही कारण है कि अग्निमित्रा पॉल की दिल्ली यात्रा को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
यहां बताना जरूरी है कि भाजपा 8 मई को कोलकाता में विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में नए नेता का चुनाव किया जाएगा। इस बीच अग्निमित्रा पॉल की इस अहम समय पर दिल्ली यात्रा को भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक पंडित भी मान रहे हैं कि पार्टी का अंतिम फैसला अब बहुत करीब है और अग्निमित्रा पॉल की भूमिका इसमें पहले से कहीं ज्यादा अहम हो सकती है।




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