West Bengal election violence high level meeting held at midnight know administration next plan चुनाव नतीजों के बाद हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी; बंगाल में आधि रात को हाई लेवल मीटिंग, फिर ऐक्शन, West-bengal Hindi News - Hindustan
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चुनाव नतीजों के बाद हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी; बंगाल में आधि रात को हाई लेवल मीटिंग, फिर ऐक्शन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेश में बढ़ती हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

Wed, 6 May 2026 08:43 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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चुनाव नतीजों के बाद हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी; बंगाल में आधि रात को हाई लेवल मीटिंग, फिर ऐक्शन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेश में बढ़ती हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन और पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी है कि हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक संबद्धता के विचार किए तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए। इस निर्देश के बाद आनन-फानन में आधी रात को बैठक बुलाई गई।

मिडनाइट हाई-लेवल सुरक्षा बैठक

बताया जा रहा है कि निर्देश जारी होने के कुछ घंटों बाद 5 मई की आधी रात को उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई गई। पश्चिम बंगाल के डीजीपी ने बीएसएफ और सीआरपीएफ के महानिदेशकों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ करीब एक बजे बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चुनाव परिणामों के बाद हुई हिंसा को लेकर सरकार के हाई-लेवल पर गहरी चिंता है। ऐसे में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सभी आवश्यक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

बैठक के बाद जारी किए गए निर्देश

  • हिंसा को किसी भी स्थिति में बिना देरी के रोका जाए
  • आगजनी, तोड़फोड़, जबरन कब्जा और राजनीतिक दफ्तरों पर हमलों पर तुरंत अंकुश लगाया जाए
  • जहां जरूरी हो, BNSS धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (कर्फ्यू सहित) लागू की जाए
  • राज्य और जिला स्तर पर पश्चिम बंगाल पुलिस व CAPF का संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। राज्य स्तर का कंट्रोल रूम डीजीपी कार्यालय में रहेगा
  • हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ राजनीतिक बैकग्राउंड की परवाह किए बिना निष्पक्ष कार्रवाई की जाए
  • राजनीतिक रैलियों या कार्यक्रमों में बुलडोजर का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
  • सांप्रदायिक तनाव वाले इलाकों में तुरंत शांति समितियों की बैठकें बुलाई जाएं
  • अगले चार दिनों तक एसएफसी इकाइयों को राज्य पुलिस के साथ समन्वय में तैनात किया जाएगा
  • हर CAPF मोबाइल यूनिट के साथ सिविल पुलिस की टीम अनिवार्य होगी
  • त्वरित प्रतिक्रिया के लिए कम से कम तीन CAPF यूनिटें क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के रूप में तैयार रहेंगी

बैठक के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शांति बनाए रखने में निष्पक्ष और प्रभावी भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।

चुनाव नतीजे के बाद हिंसा के आंकड़े

4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद प्रदेश में चुहिंसा में तेजी आई है। अब तक 257 मामले दर्ज किए गए हैं और 433 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार...

  • कोलकाता पुलिस: सबसे ज्यादा 52 गिरफ्तारियां
  • पूर्वी बर्धमान: सबसे ज्यादा 26 मामले
  • बीरभूम: 13 मामलों में 45 गिरफ्तारियां

इसके अलावा बांकुरा और दार्जिलिंग में भी घटनाएं हुई हैं, जहां तत्काल गिरफ्तारियां नहीं हो सकीं। वहीं हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई के साथ निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है।