Why tvk chief vijay z plus security withdrawn by tamil nadu police तमिलनाडु में सरकार बनने पर संशय, विजय को मिली CM जैसी सिक्योरिटी वापस ली गई; क्या वजह?, India News in Hindi - Hindustan
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तमिलनाडु में सरकार बनने पर संशय, विजय को मिली CM जैसी सिक्योरिटी वापस ली गई; क्या वजह?

तमिलनाडु पुलिस ने TVK अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय की ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा और वीआईपी काफिला वापस ले लिया है। पार्टी नेताओं के अनुरोध के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। जानिए क्या है इसके पीछे की वजह।

Thu, 7 May 2026 08:27 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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तमिलनाडु में सरकार बनने पर संशय, विजय को मिली CM जैसी सिक्योरिटी वापस ली गई; क्या वजह?

तमिलनाडु पुलिस ने बुधवार (6 मई, 2026) रात को तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को दी गई कड़ी सुरक्षा और उनका काफिला वापस ले लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बराबर दी जा रही 'जेड-प्लस' स्तर की सुरक्षा प्रोटोकॉल को घटाकर अब न्यूनतम कर दिया गया है।

क्यों बढ़ाई गई थी सुरक्षा?

दरअसल, 4 मई को मतगणना के दौरान ही TVK की भारी जीत के शुरुआती संकेत मिलने लगे थे। इसके कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने विजय के आवास और पार्टी कार्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि यह सुरक्षा TVK नेता के आवास पर पहुंचने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बढ़ाई गई थी। हालांकि, उनके रूट बंदोबस्त और अन्य सुरक्षा उपायों को देखकर यह साफ था कि उनकी सुरक्षा बढ़ाकर सीधे मुख्यमंत्री के स्तर की कर दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था में कौन-कौन था तैनात?

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय की सुरक्षा की निगरानी के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को तैनात किया गया था। इसके साथ ही, राज्य पुलिस के सिक्योरिटी ब्रांच सीआईडी (CID) के एक दर्जन से अधिक सशस्त्र कमांडो ने सुरक्षा का जिम्मा संभाला था। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक 'एक्सेस कंट्रोल सिस्टम' भी लगाया गया था। इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक (SP) रैंक के दो अन्य अधिकारियों को सीधे खुफिया विभाग के महानिरीक्षक (IG) को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। इन अधिकारियों को अगले आदेश तक चुनाव से जुड़े जरूरी कामों के लिए विशेष ड्यूटी पर रखा गया था।

अचानक क्यों वापस ली गई 'Z-Plus' सिक्योरिटी?

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा व्यवस्था TVK के वरिष्ठ नेताओं के अनुरोध के बाद ही वापस ली गई है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया, "वे (पार्टी नेता) नहीं चाहते थे कि विजय को ऐसा काफिला या वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल दिया जाए।" इसके बाद विशेष ड्यूटी पर लगाए गए तीनों बड़े अधिकारियों को भी वापस बुला लिया गया है और उन्हें उनकी पुरानी पोस्टिंग पर भेज दिया गया है।

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'Y' श्रेणी की सुरक्षा रहेगी बरकरार

राज्य पुलिस की विशेष सुरक्षा हटने के बाद भी विजय की सुरक्षा में कोई बड़ी चूक नहीं होगी, क्योंकि उनके पास केंद्र सरकार द्वारा दी गई 'Y' श्रेणी की सुरक्षा बरकरार रहेगी। जब भी वह कहीं सफर करते हैं या ठहरते हैं, तो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सशस्त्र गार्ड उन्हें सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके अलावा, अभिनेता से राजनेता बने विजय की सुरक्षा के लिए पार्टी द्वारा रखे गए निजी गार्ड भी तैनात रहते हैं। यात्रा और सार्वजनिक सभाओं के दौरान स्थानीय पुलिस भी जरूरत के हिसाब से जवानों की तैनाती करती है।

सरकार बनने पर अभी भी संशय

इससे पहले विजय ने बुधवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस ने एक बड़े राजनीतिक बदलाव और नए गठजोड़ के तहत अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की और चुनाव पूर्व सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से संबंध तोड़ लिए।

द्रमुक और अन्नाद्रमुक के दशकों पुराने द्विध्रुवीय वर्चस्व को तोड़ते हुए टीवीके के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के दो दिन बाद राज्यपाल कार्यालय से निमंत्रण मिलने पर टीवीके प्रमुख ने लोक भवन में अर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें समर्थन देने वाले कांग्रेस विधायकों की सूची सौंपी। हालांकि, लोक भवन के सूत्रों ने संकेत दिया कि विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि राज्यपाल अर्लेकर विजय के पास समर्थन होने के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे।

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टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में से 108 सीटें जीतीं, को सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत के आंकड़े से 10 कम है। कांग्रेस की पांच सीटों के साथ, विजय द्वारा जीती गई दो सीटों में से एक को छोड़कर, कुल संख्या 112 हो जाती है। पेरम्बूर और त्रिची पूर्व से चुनाव लड़ रहे टीवीके प्रमुख को एक सीट से इस्तीफा देना होगा। इससे बहुमत का आंकड़ा घटकर 117 हो जाएगा और टीवीके की सीटों की संख्या 107 रह जाएगी। एक नए राजनीतिक गठजोड़ में, कांग्रेस ने यहां अपनी विधायक दल की बैठक के बाद विजय की टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की। साथ ही उसने द्रमुक से अलग होने की भी घोषणा की।