चीन से मंगाए 'रोबोट डॉग' ने कटवाई नाक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को AI समिट खाली करने का आदेश
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में चीनी रोबोट को अपना बताने के विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो वेन्यू खाली करने का आदेश दिया गया है। भ्रामक दावों और सोशल मीडिया हंगामे के बीच आयोजकों ने लिया सख्त फैसला। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रोबोटिक डॉग 'ओरियन' को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक कदम और आगे बढ़ गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के आयोजकों ने दावों में गड़बड़ी और बढ़ते सोशल मीडिया हंगामे को देखते हुए यूनिवर्सिटी को एक्सपो वेन्यू खाली करने का निर्देश दिया है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट राष्ट्रीय राजधानी के 'भारत मंडपम' में चल रही है।
एक्सपो से बाहर होने की मुख्य वजह
समिट के दौरान जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर चीन निर्मित 'Unitree Go2' रोबोट को 'ओरियन' नाम देकर पेश किया गया, तो वहां मौजूद विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। विवाद इतना बढ़ा कि समिट की गरिमा और 'मेक इन इंडिया' के विजन को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने सख्त रुख अपनाया।
आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने एक कमर्शियल चाइनीज प्रोडक्ट को अपने 'इन-हाउस' इनोवेशन के रूप में पेश किया, जो एक्सपो के नियमों का उल्लंघन था। सूत्रों के अनुसार, समिट के आयोजक किसी भी प्रकार के 'बौद्धिक संपदा' विवाद या गलत दावों को बढ़ावा नहीं देना चाहते थे, जिसके चलते यूनिवर्सिटी को अपना प्रदर्शन रोकने और जगह खाली करने को कहा गया। एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच से इस तरह बाहर किया जाना एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय से तुरंत प्रदर्शनी स्थल छोड़ने को कहा गया। आयोजक विश्वविद्यालय से प्रदर्शनी स्थल खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, बुधवार को प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के 'स्टॉल' पर कुछ भी प्रदर्शित नहीं किया गया। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गलगोटियास विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा- यह विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि शायद बातों को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं किया गया और इसके पीछे की मंशा को ठीक से समझा नहीं गया।
उन्होंने कहा- रोबोट डॉग के बारे में हम यह दावा नहीं कर सकते कि हमने इसे बनाया है। मैंने सभी को बताया है कि हमने इसे अपने छात्रों के समक्ष इसलिए पेश किया ताकि वे खुद कुछ बेहतर बनाने के लिए प्रेरित हों। हमारा विश्वविद्यालय एआई के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्रदान करके भविष्य के दिग्गज बनाने में योगदान देता है और आगे भी ऐसा करना जारी रखेगा। सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को प्रदर्शनी क्षेत्र खाली करने के लिए कहे जाने के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे बस इतना पता है कि आज हम सभी यहां मौजूद हैं।
सोशल मीडिया और 'फैक्ट-चेक' का दबाव
यूनिवर्सिटी ने पहले एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं बताया, बल्कि यह छात्रों के लिए एक 'लर्निंग टूल' है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि को स्पष्ट रूप से 'इसे हमने बनाया है' कहते सुना गया। वीडियो में कथित तौर पर यह दावा किया गया कि इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' द्वारा विकसित किया गया है। इसे भारतीय इनोवेशन और AI ब्रेकथ्रू के रूप में दिखाया गया।
हालांकि X कम्युनिटी नोट ने इस दावे की पोल खोलते हुए इसे 'भ्रामक' करार दिया, जिससे आयोजकों पर कार्रवाई करने का दबाव और बढ़ गया। यह रोबो डॉग असल में चीन की प्रसिद्ध रोबोटिक्स कंपनी 'Unitree' का 'Go2' मॉडल है। इस रोबोट की ऑनलाइन कीमत लगभग 2 से 3 लाख रुपये है।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एआई समिट को 'अव्यवस्थित पीआर तमाशा' करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिभा को बढ़ावा देने के बजाय चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार की आलोचना करते हुए लिखा कि भारत के पास डेटा और टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार इसका सही उपयोग करने के बजाय इस आयोजन को मात्र एक दिखावा बना रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय डेटा को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिखर सम्मेलन में चीनी उत्पादों को भारतीय नवाचार के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने पूरे समिट को एक अव्यवस्थित प्रचार स्टंट बताया।
कांग्रेस पार्टी का कड़ा रुख
कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने एआई के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर हंसी का पात्र बना दिया है। पार्टी का दावा है कि इस घटना के बाद चीनी मीडिया भारत का मजाक उड़ा रहा है, जो देश के लिए शर्मनाक है। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि वे खुद इन चीनी रोबोट्स को प्रमोट कर रहे थे। कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने देश की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। उन्होंने एआई (AI) जैसे गंभीर क्षेत्र को एक मजाक बना दिया है, जबकि हमारे डेटा पावर के दम पर हम इस क्षेत्र में विश्व गुरु बन सकते थे।




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