Who is Keralam New CM VD Satheesan How He Beat KC Venugopal Inside Story कौन हैं केरल के नए CM वीडी सतीशन? केसी वेणुगोपाल को कैसे पछाड़ा, इनसाइड स्टोरी, India News in Hindi - Hindustan
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कौन हैं केरल के नए CM वीडी सतीशन? केसी वेणुगोपाल को कैसे पछाड़ा, इनसाइड स्टोरी

सतीशन के राजनीतिक जीवन में सबसे बड़ा मोड़ 2021 में आया जब कांग्रेस ने उन्हें अप्रत्याशित रूप से विपक्ष का नेता चुना। उस समय कई लोगों को संदेह था क्योंकि उनके पास प्रशासनिक या मंत्री पद का अनुभव नहीं था।

Thu, 14 May 2026 12:29 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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कौन हैं केरल के नए CM वीडी सतीशन? केसी वेणुगोपाल को कैसे पछाड़ा, इनसाइड स्टोरी

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की प्रचंड जीत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी थी कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस रेस में वी.डी. सतीशन ने के.सी. वेणुगोपाल को पछाड़ते हुए अपनी जगह बनाई। आज उनके नाम का ऐलान हो गया। सतीशन ही वह चेहरा हैं जिन्होंने केरल में कांग्रेस की वापसी की पटकथा लिखी है।

कौन हैं वी.डी. सतीशन?

1964 में कोच्चि के पास नेटूर में जन्मे वी.डी. सतीशन की राजनीति दिल्ली के सत्ता गलियारों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर से शुरू हुई। पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सतीशन ने केरल छात्र संघ (KSU) के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया। सतीशन 2001 से लगातार परवूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्हें कांग्रेस के भीतर एक युवा और सुधारवादी पीढ़ी के नेता के रूप में देखा जाता है, जो गुटीय राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की छवि रखते हैं।

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सतीशन के राजनीतिक जीवन में सबसे बड़ा मोड़ 2021 में आया जब कांग्रेस ने उन्हें अप्रत्याशित रूप से विपक्ष का नेता चुना। उस समय कई लोगों को संदेह था क्योंकि उनके पास प्रशासनिक या मंत्री पद का अनुभव नहीं था। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में उन्होंने खुद को पिनाराई विजयन सरकार के खिलाफ सबसे मुखर आवाज के रूप में स्थापित किया। उन्होंने भ्रष्टाचार, स्वर्ण तस्करी कांड और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे मुद्दों पर वामपंथी सरकार को जमकर घेरा, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ।

सतीशन का दावा क्यों हुआ मजबूत?

सतीशन के पक्ष में सबसे बड़ा तर्क यह रहा कि उन्होंने खुद चुनाव अभियान का नेतृत्व किया और एक दशक पुराने वामपंथी शासन को उखाड़ फेंका। कार्यकर्ताओं का मानना था कि जिसने लड़ाई लड़ी, उसे ही ताज मिलना चाहिए। UDF के सबसे प्रभावशाली सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने खुले तौर पर सतीशन का समर्थन किया। केरल के मध्यम वर्ग और युवाओं के बीच उनकी छवि एक सुलभ और आधुनिक नेता की है।

वेणुगोपाल को कैसे पछाड़ा?

सतीशन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा के.सी. वेणुगोपाल थे। वेणुगोपाल राहुल गांधी के सबसे करीबी सलाहकारों में से एक हैं और दिल्ली में उनका भारी प्रभाव है। कांग्रेस आलाकमान के लिए धर्मसंकट की स्थिति बन गई थ कि वह जमीन पर लड़ने वाले नेता को चुनें या दिल्ली के भरोसेमंद रणनीतिकार को।

विरोधियों का तर्क था कि सतीशन एक बेहतरीन विपक्षी नेता हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने कभी मंत्री पद नहीं संभाला है। मुस्लिम लीग के खुले समर्थन के कारण कुछ कांग्रेस नेता डर रहे था कि इससे भाजपा को 'तुष्टिकरण' का नैरेटिव चलाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, कांग्रेस ने सभी विरोध को खारिज करते हुए सतीशन को केरल का अगला मुख्यमंत्री चुना।