जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को भला बुरा कहा, तो CM विजय का कैसा था रिएक्शन
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने दावा किया कि द्रमुक का हाल में सत्ता से बेदखल होना इसी तरह की विभाजनकारी बयानबाजी का सीधा परिणाम है। तिरुपति ने चेतावनी दी कि अगर द्रमुक धार्मिक भावनाओं का अपमान करना जारी रखती है, तो तमिलनाडु की जनता उसे 'पूरी तरह से मिटा देगी।'

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि सनातन लोगों को बांटता है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। खास बात है कि इस दौरान राज्य के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय भी मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने पूर्व डिप्टी सीएम की बातों पर रिप्लाई नहीं किया है। खास बात है कि डीएमके नेता की इस टिप्पणी को मद्रास हाईकोर्ट पहले भी हेट स्पीच करार दे चुका है।
उदयनिधि स्टालिन के बिगड़े बोल
विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण में उदयनिधि ने कहा, 'सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि विपक्ष, तमिल प्रार्थना गीत 'तमिल थाई वझुथु' को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। उदयनिधि इससे पहले सितंबर 2023 में भी सनातन धर्म को लेकर इस तरह का बयान दे चुके हैं।
उन्होंने शिकायत की थी कि राज्य के गीत को उसकी पारंपरिक प्राथमिकता के बजाय क्रम में तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया। उन्होंने कहा, '...आपकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई ऐसी घटना एक गलती थी और आपको इस विधानसभा में इसे दोबारा होने नहीं देना चाहिए। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा कि न केवल विधानसभा में, बल्कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम या तमिलनाडु में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में 'तमिल थाई वझुथु' को हमेशा प्रथम स्थान दिया जाना चाहिए।
कैसा थी सीएम का रिएक्शन
जब उदयनिधि की तरफ से सनातन धर्म को लेकर टिप्पणियां की जा रहीं थीं, तब मुख्यमंत्री विजय भी विधानसभा में मौजूद थे। डीएमके नेता के भाषण का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि सीएम नेता प्रतिपक्ष के भाषण को ध्यान से सुन रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसपर कोई भी जवाब नहीं दिया और अंत में हाथ जोड़ लिए।
विजय सरकार को चेताया
विपक्ष के नेता ने कहा, 'मैं इस सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस पर कभी समझौता न हो। हमें अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए बहुत सतर्क रहना होगा।' उन्होंने दावा किया कि इस परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में काफी आक्रोश है और उन्हें धक्का लगा है। उन्होंने सदन को 2023 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब तत्कालीन द्रमुक सरकार ने राज्यपाल द्वारा प्रोटोकॉल में बदलाव करने के प्रयासों का विरोध किया था।
भाजपा भड़की
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने दावा किया कि द्रमुक का हाल में सत्ता से बेदखल होना इसी तरह की विभाजनकारी बयानबाजी का सीधा परिणाम है। तिरुपति ने चेतावनी दी कि अगर द्रमुक धार्मिक भावनाओं का अपमान करना जारी रखती है, तो तमिलनाडु की जनता उसे 'पूरी तरह से मिटा देगी।' तिरुपति ने लिखा, 'यह समझें कि सनातन धर्म को मिटाने की बात करने के कारण ही आज जनता ने आपको और द्रमुक को सत्ता से दूर कर दिया है और बाहर फेंक दिया है।'




साइन इन