दादा-पिता रहे तमिलनाडु के सीएम, DMK ने चुना विधायक दल का नेता; कौन हैं उदयनिधि स्टालिन?
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में सरकार गठन के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने रविवार को उदयनिधि स्टालिन को विधायक दल का नेता चुन लिया है। वहीं, केएन नेहरू को उपनेता और ईवी वेलू को पार्टी सचेतक नियुक्त किया गया।

तमिलनाडु में सरकार गठन के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने रविवार को उदयनिधि स्टालिन को विधायक दल का नेता चुन लिया है। वहीं, केएन नेहरू को उपनेता और ईवी वेलू को पार्टी सचेतक नियुक्त किया गया। यह फैसला चेन्नई के अन्ना अरिवलयम स्थित कलाइग्नार अरंगम में पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बता दें कि आज ही टीवीके के विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर पदभार ग्रहण किया है
उदयनिधि स्टालिन कौन हैं?
27 नवंबर 1977 को जन्मे उदयनिधि स्टालिन एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं। वे द्रविड़ आंदोलन के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एम करुणानिधि के पोते तथा वर्तमान डीएमके अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे हैं। उदयनिधि एक सफल तमिल फिल्म अभिनेता और निर्माता भी रहे हैं। उन्होंने 2019 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और डीएमके की युवा शाखा के सचिव बने। उदयनिधि ने चेन्नई के डॉन बॉस्को स्कूल और लोयला कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। फिल्म जगत में उनका डेब्यू 'ओरु काल ओरु कन्नडी' से हुआ, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर साउथ का बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला। राजनीति में आने के बाद वे तेज-तर्रार नेता के रूप में उभरे और डीएमके सरकार में खेल मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हें एमके स्टालिन का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है।
टीवीके के विजय बने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री
इससे पहले रविवार सुबह अभिनेता से राजनेता बने विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। टीवीके के संस्थापक विजय ने शपथ लेने के तुरंत बाद चेन्नई के फोर्ट जॉर्ज स्थित सचिवालय में पदभार ग्रहण किया। शपथ ग्रहण के बाद विजय ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि मैं धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर आधारित शासन के नए युग की शुरुआत करना चाहता हूं। उन्होंने पारदर्शी सरकार चलाने का संकल्प लिया और कहा कि मैं सभी काम खुलेआम करूंगा। गुप्त बैठकें या बंद दरवाजों के पीछे कोई फैसला नहीं होगा।
विजय ने पूर्व डीएमके सरकार पर राज्य की वित्तीय स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैंने खुद देखा है कि तमिलनाडु सरकार की क्या हालत है। पिछली सरकार 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज छोड़कर गई और खजाना पूरी तरह खाली था। यह कोई दिखावा नहीं है, बल्कि हकीकत है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद मैं जनता के सामने एक श्वेत पत्र जारी करूंगा। महिलाओं की सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मैं आपसे थोड़ा समय मांगता हूं। मैं अपने सभी वादों को ईमानदारी से पूरा करूंगा। यह आपकी सरकार है।
विधानसभा सत्र की तैयारी
तमिलनाडु विधानसभा की 17वीं बैठक सोमवार 11 मई 2026 को सुबह 9:30 बजे बुलाई गई है। नवनिर्वाचित सदस्य उसी दिन शपथ लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 12 मई को सुबह 9:30 बजे होगा। बता दें कि 2026 के विधानसभा चुनावों ने राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक उलटफेर किया। टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर डीएमके और एआईएडीएमके के लंबे वर्चस्व को चुनौती दी। 'थलपति' विजय की लोकप्रियता की तुलना अब पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन से की जा रही है।




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