क्या है H-125 हेलीकॉप्टर और उसकी खूबियां, जिसकी असेंबली लाइन का PM मोदी-मैक्रों ने किया उद्घाटन
इस हेलीकॉप्टर के नाम माउंट एवरेस्ट की चोटी पर लैंडिंग और टेक-ऑफ करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसमें 1 पायलट और 6 यात्रियों (या 2 पायलट और 4 यात्रियों) के बैठने की जगह होती है। इसकी अधिकतम स्पीड लगभग 252 किमी/घंटा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से कर्नाटक के वेमागल में टाटा एयरबस के H-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली का वर्चुअली उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने हुए फ्रांस को 'स्पेशल पार्टनर' कहा। H-125 हेलीकॉप्टर के बारे में बात करते हुए PM मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस भारत में एक ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रिश्ते को स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में अपग्रेड करने का फैसला किया है।
बाद में उन्होंने मुंबई में मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेन्स किया। इस दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' तक बढ़ाने की बात की। PM मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती की "कोई सीमा नहीं है" और यह पार्टनरशिप 'गहरे समुद्रों से लेकर सबसे ऊंचे पहाड़ों तक' पहुंच सकती है। PM मोदी ने प्रेस मीट में कहा, “भारत और फ्रांस के रिश्तों की कोई सीमा नहीं है। आज की उथल-पुथल भरी दुनिया में, यह ग्लोबल स्टेबिलिटी के लिए एक पार्टनरशिप है।”
क्या है H-125 हेलीकॉप्टर?
H-125 हेलीकॉप्टर को पहले AS350 B3e के नाम से जाना जाता था। यह एयरबस हेलीकॉप्टर्स (Airbus Helicopters) द्वारा निर्मित एक शक्तिशाली और बहुमुखी सिंगल-इंजन लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर है। यह अपनी श्रेणी में दुनिया का सबसे सफल हेलीकॉप्टर माना जाता है और विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों (जैसे अधिक ऊंचाई और गर्म मौसम) में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्रसिद्ध है। यह मूल रूप से Airbus Helicopters का ही उत्पाद है। भारत में अब Tata Advanced Systems Limited (TASL) और एयरबस मिलकर इसे कर्नाटक के वेमागल (कोलार) में बनाएंगे। भारत में बना पहला हेलीकॉप्टर 2027 तक आने की उम्मीद है। शुरुआत में यह प्लांट हर साल 10 हेलीकॉप्टर बनाएगा, जिसे मांग के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
H-125 हेलीकॉप्टर की खूबियां
इस हेलीकॉप्टर के नाम माउंट एवरेस्ट (29,029 फीट) की चोटी पर लैंडिंग और टेक-ऑफ करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसमें 1 पायलट और 6 यात्रियों (या 2 पायलट और 4 यात्रियों) के बैठने की जगह होती है। इसकी अधिकतम स्पीड लगभग 252 किमी/घंटा है। यह एक बार में लगभग 630 किमी तक की दूरी तय कर सकता है। यह 23,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसमें 952 हॉर्सपावर का सफरान अर्रिएल 2D इंजन है, जो इसकी ताकत बढ़ाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से वीआईपी ट्रांसपोर्ट, मेडिकल इमरजेंसी (एयर एम्बुलेंस), पुलिस पेट्रोलिंग, आग बुझाने और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सामान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।

संयुक्त बयान में क्या?
संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि भारत और फ्रांस, दोनों, लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुध्रुवीय में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश एकमत है कि वैश्विक संस्थाओं में सुधारों से ही वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश यूक्रेन, पश्चिमी एशिया और हिन्द प्रशांतर क्षेत्र में शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को जड़ से मिटाना दोनों देशों की साझी प्रतिबद्धता है। बता दें कि मैक्रों मंगलवार सुबह-सुबह अपने तीन दिन के भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे थे। इस दौरान वे इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होने के साथ-साथ PM मोदी के साथ ज़रूरी बातचीत भी करेंगे। मैक्रों 18 और 19 फरवरी को नई दिल्ली में हो रहे AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भी शामिल होंगे।




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