इमामों-मुअज्जिनों पर शुभेंदु अधिकारी सरकार का डंडा, अगले महीने से सैलरी बंद
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए धर्म के आधार पर चलाई जा रही सभी सरकारी योजनाओं को समाप्त कर दिया। साथ ही राज्य की मौजूदा ओबीसी सूची को भी रद्द कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए धर्म के आधार पर चलाई जा रही सभी सरकारी योजनाओं को समाप्त कर दिया। साथ ही राज्य की मौजूदा ओबीसी सूची को भी रद्द कर दिया गया है। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। नया फैसला 1 जून 2026 से लागू होगा। इसके तहत राज्य में इमामों, मुअज्जिनों को मिलने वाला मासिक भत्ता और पुजारियों का मानदेय पूरी तरह बंद हो जाएगा। बता दें कि ममता बनर्जी सरकार के समय शुरू की गई इन योजनाओं के तहत इमामों को हर महीने 3000 रुपये, मुअज्जिनों को 1500 से 2000 रुपये तक का भत्ता दिया जाता था।
कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मीडिया को यह जानकारी दी। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि बंगाल कैबिनेट ने जून माह से धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर दी जाने वाली सभी सरकारी सहायता बंद करने का फैसला लिया है। सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत चल रही धर्म-आधारित योजनाएं इस महीने के अंत तक ही जारी रहेंगी। एक जून से इन्हें पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा समितियों को दिए जाने वाले अनुदान के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप सरकार ने ओबीसी सूची को रद्द कर दिया है और कोटा तय करने के लिए एक विशेष पैनल का गठन किया जाएगा। यह फैसला कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश और सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले के अनुपालन में लिया गया है। कुछ दिनों पहले शुभेंदु सरकार ने उच्च न्यायालय द्वारा राज्य ओबीसी सूची पर लगाई गई रोक के खिलाफ ममता बनर्जी सरकार द्वारा दायर याचिका वापस ले ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को उच्च न्यायालय की रोक हटा दी थी। उस सूची में कुल 140 उप-समूह थे, जिनमें से 80 मुस्लिम समुदाय से संबंधित थे।
महिलाओं के लिए दो बड़ी योजनाएं मंजूर
कैबिनेट ने महिलाओं के हित में दो महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दे दी है...
- अन्नपूर्णा योजना: एक जून 2026 से राज्य की सभी महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी
- सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा: महिलाओं को अगले महीने से राज्य की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
ये दोनों योजनाएं भाजपा के विधानसभा चुनाव घोषणा-पत्र में किए गए वादों के अनुरूप हैं। पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की 'लक्ष्मीर भंडार' योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाते थे।
सातवें वेतन आयोग का गठन
सरकार ने अपने कर्मचारियों, शिक्षा बोर्डों और राज्य संचालित शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, महंगाई भत्ता (DA) पर इस बैठक में कोई फैसला नहीं लिया गया। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में विचार किया जाएगा।
इस दौरान मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं और एसआईआर (विशेष जांच) के चलते मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए न्यायाधिकरण जाने वाली महिलाओं को भी ‘अन्नपूर्णा योजना’ का लाभ मिलेगा।




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