Calcutta High Court rejects plea against cattle slaughter restrictions says Sacrificing cow not part of Eid गाय को मारना ईद का हिस्सा नहीं, बकरीद से पहले बंगाल में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, India News in Hindi - Hindustan
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गाय को मारना ईद का हिस्सा नहीं, बकरीद से पहले बंगाल में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के हालिया नोटिफिकेशन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके मुताबिक बैलों, बैल, गाय, बछड़ों और भैंसों के वध को सीमित किया जाना है। यह फैसला, अगले बकरीद से पहले आया है।

Thu, 21 May 2026 08:55 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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गाय को मारना ईद का हिस्सा नहीं, बकरीद से पहले बंगाल में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के हालिया नोटिफिकेशन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके मुताबिक बैलों, बैल, गाय, बछड़ों और भैंसों के वध को सीमित किया जाना है। यह फैसला, अगले बकरीद से पहले आया है। जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की एक डिवीजन बेंच ने कहाकि यह अधिसूचना हाई कोर्ट द्वारा पारित पहले के आदेशों के पालन में जारी की गई थी।

बेंच ने क्या कहा
बेंच ने कहाकि यह इस बात पर भी विवाद नहीं है कि 2018 के डब्ल्यूपी 328 में समन्वय बेंच द्वारा पारित आदेश को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस मामले को ध्यान में रखते हुए, हमें 13 मई 2026 के सार्वजनिक नोटिस पर रोक लगाने या रद्द करने का कोई आधार नहीं मिलता है। अदालत ने यह फैसला, अगले हफ्ते से बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम के तहत जारी किए गए दिशा-निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनाया।

क्या है पश्चिम बंगाल की नोटिस
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर अधिकारियों से ‘स्वास्थ्य प्रमाणपत्र' प्राप्त किए बिना पशु वध पर रोक लगा दी है और निर्देशों का पालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य ने यह भी स्पष्ट किया है कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध प्रतिबंधित होगा।

कोर्ट ने आगे क्या कहा
नोटिस में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए, कोर्ट ने कहाकि राज्य सरकार के लिए यह जांचना वैध होगा कि क्या जानवरों के वध के लिए अधिनियम और नियमों के तहत आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक उचित तंत्र मौजूद है। बेंच ने कहाकि इसके अलावा, क्या इस तरह के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्य में जिम्मेदार अधिकारी हैं और क्या पूरे राज्य में आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद है जहां वध हो सकता है। अगर कोई कमी पाई जाती है, तो हमें भरोसा है कि इसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।

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याचिका में क्या कहा गया
एक याचिका में, तृणमूल कांग्रेस के विधायक अखरुज्जमान ने तर्क दिया कि पशु बलिदान की धार्मिक जिम्मेदारी आगामी ईद के दिनों में कानूनी रूप से पूरी नहीं की जा सकती। वजह, राज्य 13 मई को जारी नोटिस में पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम की धारा 12 के तहत छूट देने में विफल रहा। याचिका के मुताबिक अधिनियम की धारा 12 राज्य सरकार को सामान्य या विशेष आदेश द्वारा और शर्तों के अधीन धार्मिक उद्देश्यों के लिए किसी भी जानवर के वध से छूट देने का अधिकार देती है। अखरुज्जमान ने दावा किया कि भैंसा, बैल या हल जैसे बड़े जानवरों का बलिदान अधिकांश मुस्लिमों के लिए इस जिम्मेदारी को पूरा करने का आर्थिक रूप से व्यावहारिक एकमात्र तरीका है।