बंगाल में नमाज पढ़ने की छूट, लेकिन पूजा के लिए लानी पड़ती है हाईकोर्ट की परमिशन; नितिन नवीन का ममता पर निशाना
नितिन नवीन बुधवार को पश्चिम बंगाल के अपने दो दिन के दौरे के तहत कोलकाता के ऐतिहासिक दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

भाजपा में चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बंगाल पहुंचकर ममता बनर्जी की तृणमूल सरकार पर निशाना साधा है। राज्य सरकार पर धार्मिक मामलों में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए नितिन नवीन ने कहा है कि बंगाल में लोगों को नमाज पढ़ने की खुली छूट है, लेकिन पूजा पंडाल लगाने के लिए हाईकोर्ट जाने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
नवीन ने कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पत्रकारों से कहा, "मां के दरबार में आशीर्वाद प्राप्त किया है। मां काली हम सबको आशीर्वाद दें।” उन्होंने आगे कहा, “जिस पश्चिम बंगाल को इसकी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, आज उसी पश्चिम बंगाल में ऐसे तत्व हैं जो हमारी संस्कृति को चोट करते हैं।”
नितिन नवीन ने कहा, “यहां नमाज पढ़ने की इजाजत मिलती है, लेकिन मां का पंडाल लगाने के लिए अनुमति हाईकोर्ट से लानी पड़ती है। यह दुर्भाग्य है। मां से पश्चिम बंगाल को एक विकसित बंगाल बनाने का आशीर्वाद मांगा है।”
नितिन नवीन ने संभाली कमान
गौरतलब है कि नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल दौरा आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का हिस्सा है। इससे पहले नितिन नवीन ने पार्टी की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को यहां कई संगठनात्मक और रणनीतिक बैठके कीं। भाजपा की राज्य इकाई के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार से शुरू हुई नवीन की दो दिवसीय बंगाल यात्रा महज एक नियमित संगठनात्मक समीक्षा के लिए नहीं है, बल्कि राज्य में भाजपा की चुनाव प्रचार रणनीति को नया रूप देने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
भाजपा का 'चक्रव्यूह'
भाजपा सूत्रों ने इसे एक नई 'चक्रव्यूह' रचना के रूप में वर्णित किया है जिसमें बूथ प्रबंधन, विमर्श का निर्माण और सूक्ष्म स्तर पर लामबंदी के पहलु शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी की डिजिटल पहुंच, सोशल मीडिया रणनीति और जमीनी स्तर के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दिन भर राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि नवीन ने चुनाव से पहले अभियान के संदेश को आकार देने के लिए पार्टी के विमर्श और संवाद टीम के साथ भी चर्चा की।
पार्टी नेताओं के मुताबिक नवीन ने राज्य के शीर्ष नेताओं और वरिष्ठ संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बातचीत की। इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व राज्य में सत्ता हासिल करने के अपने प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष का जोर बूथ स्तर के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, सूक्ष्म स्तर की योजना को और बेहतर बनाने और पार्टी के चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने पर है।





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