बंगाल में BJP को TMC से सिर्फ 5% ज्यादा वोट मिले, मगर सीटों में अंतर ढाई गुना हो गया
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 45.85% वोट मिले। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को 40.80% मत हासिल हुए। इस तरह बीजेपी को TMC की तुलना में 5% वोट ही ज्यादा मिले हैं।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर लिया है। बीजेपी ने इतिहास रचते हुए तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 45.85% वोट मिले। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को 40.80% मत हासिल हुए। इस तरह बीजेपी को टीएमसी की तुलना में केवल 5 फीसदी वोट ही ज्यादा मिले हैं। मगर, सीटों के लिहाज से दोनों दलों के बीच अंतर ढाई गुना हो जाता है। यह भी दिलचस्प चुनावी गणित सामने आया है।
निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं। तृणमूल कांग्रेस ने 78 सीट पर जीत दर्ज की है और 3 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। वर्ष 2011 में लगभग चार प्रतिशत के मामूली वोट शेयर से भाजपा 2019 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसके बाद, 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीटें हासिल करके बीजेपी ने वामपंथी व कांग्रेस को पछाड़ दिया और टीएमसी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी। आज भाजपा ने ममता बनर्जी की पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया है।
ममता बनर्जी को कितना बड़ा झटका
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी।
ममता बनर्जी ने न सिर्फ 15 वर्षों के अपने शासन वाले राज्य में सत्ता गंवा दी है, बल्कि उन्हें अपने राजनीतिक गढ़ भवानीपुर में भी करारी शिकस्त मिली। भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। भवानीपुर की हार ने पिछले विधानसभा चुनाव में बनर्जी की नंदीग्राम सीट पर हार की यादें ताजा कर दीं, जहां शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हराया था। वर्ष 2021 में बनर्जी नंदीग्राम सीट हार गई थीं लेकिन बंगाल में शानदार जीत दर्ज की थी। 2026 में वह अपनी सीट भी हार गईं और उन्हें भाजपा के हाथों सत्ता भी गवानी पड़ी।




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