गोवंश परिवार के 14 साल से कम के किसी पशु को काटा नहीं जाएगा, बंगाल सरकार का सख्त निर्देश
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'राज्य में कानून के अनुसार गोवंश परिवार के किसी भी ऐसे पशु को काटा नहीं जाएगा जिसकी उम्र 14 वर्ष से कम हो। अन्य राज्यों में यह नियम या तो मौजूद नहीं है, कम सख्त है या अलग रूप में लागू है।'

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य में गोवंश को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को उन्होंने कहा, 'राज्य में कानून के अनुसार गोवंश परिवार के किसी भी ऐसे पशु को काटा नहीं जाएगा जिसकी उम्र 14 वर्ष से कम हो। अन्य राज्यों में यह नियम या तो मौजूद नहीं है, कम सख्त है या अलग रूप में लागू है, लेकिन बंगाल में यह स्पष्ट रूप से लागू है। यह नियम पिछली सरकार के कार्यकाल में भी था, हालांकि किसी ने इसे लागू नहीं किया। शायद अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा किया गया हो।'
अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा, 'हमारे विभाग में इस समय तैयारियां तेजी से चल रही हैं क्योंकि हमें मानसून के 8 जून के आसपास आने का पूर्वानुमान मिला है। हालांकि तारीख में थोड़ा बदलाव संभव है, लेकिन हम 8 जून को आधार मानकर तैयारी कर रहे हैं। हमारे पास लगभग 18 दिन का समय है, इसलिए सभी प्रशासनिक विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई गई है ताकि इस अवधि में सभी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी तैयारियां पूरी की जा सकें। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बंगाल में कहीं भी लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। चाहे वह कोलकाता हो, आसनसोल हो या राज्य का कोई अन्य हिस्सा।'
अतिक्रमण पर भड़की अग्निमित्रा पॉल
बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य में नागरिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने मुख्य रूप से 5 मुद्दों को सूचीबद्ध किया है जो राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों को परेशान कर रहे हैं और जिन पर पहले ही काम शुरू किया जा चुका है। कोलकाता का जिक्र करते हुए मंत्री ने सबसे पहले कहा कि वह हर जगह जलस्रोतों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, ‘यह अविश्वसनीय है कि पिछली सरकार ने अपने 15 वर्षों के कुशासन में राज्य भर में जलस्रोतों को धड़ल्ले से भरने की घटना पर आंखें मूंद रखी थीं। इन लोगों ने पूर्व कोलकाता वेटलैंड्स को भी नहीं छोड़ा। यह एक अपराध है कि उन्होंने ऐसा होने दिया।’
अग्निमित्रा पॉल के अनुसार, आर्द्रभूमि के ऐसे अवैध अतिक्रमण और उन पर बाद में किए गए निर्माण की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। पूर्व कोलकाता वेटलैंड्स एक संरक्षित रामसर स्थल है जहां स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि उनका विभाग सरकारी-निजी भागीदारी मॉडल का उपयोग करके सीवेज और ठोस कचरा पुनर्चक्रण इकाइयां स्थापित करने पर विचार कर रहा है। राज्य में ठोस कचरा और सीवेज प्रबंधन की स्थिति बहुत खराब है। मुद्दा केवल कचरा इकट्ठा करने और डंप करने का नहीं है। हमें राज्य में उत्पन्न होने वाले कचरे को रीसायकल करने का एक तरीका खोजना होगा।




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