India to create smart border along Pakistan, Bangladesh to stop infiltration, attempts of demographic change Amit Shah एक-एक घुसपैठिए को ढूंढ़कर भेजेंगे, बांग्लादेश-पाकिस्तान पर क्या है अमित शाह का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्लान, India News in Hindi - Hindustan
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एक-एक घुसपैठिए को ढूंढ़कर भेजेंगे, बांग्लादेश-पाकिस्तान पर क्या है अमित शाह का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्लान

अमित शाह ने कहा कि इन सीमाओं को वर्तमान में घुसपैठ, ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद की तस्करी के अलावा मवेशियों, नकली भारतीय मुद्रा नोटों और संगठित अपराध जैसे खतरों का सामना करना पड़ रहा है।

Fri, 22 May 2026 09:20 PMPramod Praveen भाषा, नई दिल्ली
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एक-एक घुसपैठिए को ढूंढ़कर भेजेंगे, बांग्लादेश-पाकिस्तान पर क्या है अमित शाह का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्लान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अगले साल "स्मार्ट बॉर्डर" परियोजना शुरू करेगी ताकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6,000 किलोमीटर लंबी सीमा को अभेद्य बनाया जा सके और इन क्षेत्रों की जनसांख्यिकी को बदलने की साजिश विफल की जा सके। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा यहां आयोजित वार्षिक रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में शाह ने इस बात को भी दोहराया कि सरकार देश से प्रत्येक घुसपैठिए को ढूंढ निकालेगी और उन्हें भारत से बाहर भेजेगी। के.एफ. रुस्तमजी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संस्थापक और पहले महानिदेशक थे। बीएसएफ में लगभग 2.70 लाख जवान हैं और इसे पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा का दायित्व सौंपा गया है। इसकी स्थापना 1965 में हुई थी।

शाह ने कहा, "भारत सरकार ने फैसला किया है कि हम न केवल घुसपैठ को रोकेंगे बल्कि प्रत्येक घुसपैठिए को ढूंढकर देश से बाहर भेजेंगे।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार "दूसरी तरफ से किए जा रहे हमारी जनसांख्यिकी में कृत्रिम परिवर्तन के प्रयासों" के लिए अनुमति नहीं देगी। शाह ने कहा, "मैं बीएसएफ जवानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम इसकी स्थापना के 60वें वर्ष में स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेंगे और पाकिस्तान-बांग्लादेश की सीमाओं को अभेद्य बनाएंगे।"

"स्मार्ट बॉर्डर" प्लान क्या?

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि "स्मार्ट बॉर्डर" परियोजना के तहत अभेद्य सीमा बनाने में मदद के लिए प्रौद्योगिकी, ड्रोन, रडार और स्मार्ट कैमरों का उपयोग किया जाएगा। शाह ने इन दोनों सीमाओं को "असुरक्षित" और सुरक्षा की दृष्टि से देश के लिए "चिंता का कारण" बताते हुए कहा कि इन मोर्चों (पाकिस्तान के साथ लगभग 1,289 किमी और बांग्लादेश के साथ 4,096 किमी) की रक्षा "पारंपरिक" तरीकों से नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा की अवधारणा को अलग-थलग करके नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक "क्षेत्रीय जिम्मेदारी" के रूप में देखा जाना चाहिए जिसमें सभी एजेंसियां ​​और राज्य सरकारें शामिल हों।

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उन्होंने कहा कि इन सीमाओं को वर्तमान में घुसपैठ, ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद की तस्करी के अलावा मवेशियों, नकली भारतीय मुद्रा नोटों और संगठित अपराध जैसे खतरों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मौजूद जवानों और अधिकारियों से कहा, "भविष्य के खतरों की पहचान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सीमा के दूसरी ओर से घुसपैठ के माध्यम से किए जा रहे कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तन को रोकना हमारी जिम्मेदारी है, और इसके लिए हमें सतर्क और सावधान रहना होगा।"

सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण में "आमूल-चूल" बदलाव

शाह ने कहा कि मोदी सरकार 2014 में सत्ता संभालने के बाद से सुरक्षा नीति और सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण में "आमूल-चूल" बदलाव लायी है। उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान द्वारा किए गए तीनों हमलों को विफल कर दिया, चाहे वह उरी (2016), पुलवामा (2019) या पहलगाम (2026) में हुआ हो... हमने पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों पर हमला कर उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है।" शाह ने जोर दिया कि वे दिन बीत गए जब आतंकवादी हमले के बाद बातचीत होती थी और नक्सलवादी बिना किसी डर के नरसंहार करते थे।

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उन्होंने कहा, "हमने अपने सुरक्षा परिप्रेक्ष्य को संविधान की भावना के अनुरूप ढाला है ताकि इसे मजबूत किया जा सके... यह सब एक तरह से एक नए रक्षा सिद्धांत की घोषणा है।" शाह ने कहा कि उनकी सरकार ने भारत को नक्सलवाद से मुक्त करने का दृढ़ निर्णय लिया था और यह लक्ष्य हाल ही में हासिल किया गया है। मंत्री ने कहा कि उनका मानना ​​है कि सुरक्षा एजेंसियों और बलों को समस्या की जड़ तक जाकर उसका समाधान करना चाहिए, न कि केवल उसे नियंत्रित करना।

वर्षों से जारी बेरोकटोक घुसपैठ को रोका जाए

उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात बीएसएफ जवानों को स्थानीय प्रशासन से संपर्क स्थापित करने का निर्देश दिया ताकि वे क्षेत्र में रहने वाले किसी भी घुसपैठिए की पहचान कर सकें। उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि वर्षों से जारी बेरोकटोक घुसपैठ को रोका जाए। उदाहरण के लिए, आपने नक्सल मुक्त भारत बनाकर पहले भी ऐसा किया है।" शाह ने कहा कि त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम की मौजूदा राज्य सरकारें - जो सभी भाजपा के नेतृत्व में हैं - इस नीति में विश्वास रखती हैं कि भारतीय सीमाओं से घुसपैठ नहीं होनी चाहिए। शाह ने कहा कि उनका मंत्रालय जल्द ही सीमा सुरक्षा के विषय पर इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेगा।

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शाह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार अगले एक वर्ष के भीतर सीएपीएफ जवानों के कल्याण के लिए एक "बड़ा कार्यक्रम" शुरू करने की योजना बना रही है, साथ ही उन्होंने कहा कि वे देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक "बड़ा अभियान" भी शुरू करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बीएसएफ के जवानों और अधिकारियों को वीरता पदक से सम्मानित किया, जिनमें 'ऑपरेशन सिंदूर' में शामिल कर्मी भी शामिल थे।