Vigilance team crackdown on Odisha engineer 2 crore cash 5 buildings 14 plots करोड़ों कैश, पांच बंगले और 14 प्लॉट; ‘करप्शन किंग’ निकला ओडिशा का इंजीनियर, India News in Hindi - Hindustan
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करोड़ों कैश, पांच बंगले और 14 प्लॉट; ‘करप्शन किंग’ निकला ओडिशा का इंजीनियर

ओडिशा में जब इंजीनियर के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई शुरू की तो अफसरों की आंखें फटी की फटी रह गईं। जानिए कार्रवाई के दौरान कितना मिला कैश, बिल्डिंग और प्लॉट…

Sun, 7 June 2026 10:25 AMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, भुवनेश्वर
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करोड़ों कैश, पांच बंगले और 14 प्लॉट; ‘करप्शन किंग’ निकला ओडिशा का इंजीनियर

ओडिशा में सतर्कता विभाग की कार्रवाई में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां पर मात्र 6 हजार महीने की सैलरी पाने वाले इंजीनियर के पास से करोड़ों का कैश मिला है। इसके अलावा उसके पास प्रदेश में अलग-जगह जगों पर मकान और जमीन भी मिली हैं। यह इंजीनियर है बैकुंठनाथ बेहरा, जो कंधमाल जिले के बालीगुडा में एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (आईटीडीए) के सहायक कार्यकारी के रूप में तैनात है। उनकी कानूनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों के बाद यह तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

नौ जगहों पर छापेमारी
भुवनेश्वर के विशेष सतर्कता न्यायाधीश की ओर से जारी तलाशी वारंट के आधार पर विजिलेंस की टीमों ने भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और बालीगुडा में कुल नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस टीम में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पांच उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी), छह निरीक्षक और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान सतर्कता अधिकारियों को भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित नीलाद्रि विहार में एक चार मंजिला इमारत, शैलाश्री विहार में एक तीन मंजिला इमारत और पटिया में बैद्यनाथ मेमोरियल अस्पताल के पास कानन विहार फेज-I में एक दो मंजिला मकान का पता चला। अधिकारियों ने 13 जमीनों की पहचान की है, जिनमें भुवनेश्वर के प्रमुख स्थानों में सात प्लॉट और जाजपुर और बरईपाड़ा में हैं।

परिवार के लॉकरों से बरामदगी
जांच में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपए कैश बरामद किया गया। इससे पहले, घर की छानबीन के दौरान 2.66 लाख रुपए से अधिक नकद जब्त हुआ था। सोने के आभूषणों, बैंक जमा, डाक बचत, निवेश और अन्य वित्तीय संपत्तियों का मूल्यांकन फिलहाल हो रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा संपत्तियों और भूमि संपत्तियों के बाजार मूल्य का भी आकलन किया जा रहा है।

कई बिल्डिंगें और प्लॉट
भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने चंद्रशेखरपुर में एक और दो मंजिला इमारत तथा जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र के पाना में पैतृक भूमि पर बने एक दो मंजिला मकान को भी ढूंढ़ निकाला है। फिलहाल बारीपदा और पांडुआ में बेहरा के रिश्तेदारों के आवासों के साथ-साथ बालीगुडा में उनके ऑफिस और सरकारी आवास पर तलाशी जारी है। विजिलेंस अधिकारियों ने कहाकि संपत्तियों का मूल्यांकन और सत्यापन किया जा रहा है और तलाशी पूरी होने के बाद विस्तृत विवरण सामने आए।

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1999 में शुरू की नौकरी
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठनाथ बेहरा ने 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी नौकरी शुरू की थी। उस वक्त उसकी सैलरी, करीब 6,000 रुपए महीना थी। इस दौरान, उसने विभिन्न आदिवासी विकास एजेंसियों और इंजीनियरिंग कार्यों में सर्विस की। इस साल की शुरुआत में बेहरा को सहायक कार्यकारी इंजीनियर के रूप में प्रमोट किया गया था।