Tamil Nadu CM Vijay Big Action against Corruption Crackdown on Liquor Shop Leakage Party Fund सीएम विजय ने चलाया करप्शन पर चाबुक, पार्टी फंड के नाम पर चल रहे गोरखधंधे पर गाज, India News in Hindi - Hindustan
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सीएम विजय ने चलाया करप्शन पर चाबुक, पार्टी फंड के नाम पर चल रहे गोरखधंधे पर गाज

तमिलनाडु में सीएम बनने के बाद ऐक्टर विजय ऐक्शन में आ चुके हैं। सबसे पहली कार्रवाई कॉरपोरेशन, इसके जरिए बिकने वाली शराब और पार्टी फंड के नाम पर इससे होने वाली अवैध वसूली पर हुई है। इसके बाद कई विभागों पर चाबुक चलेगा।

Sun, 7 June 2026 09:26 AMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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सीएम विजय ने चलाया करप्शन पर चाबुक, पार्टी फंड के नाम पर चल रहे गोरखधंधे पर गाज

तमिलनाडु में सीएम बनने के बाद ऐक्टर विजय ने शुक्रवार को पहली कैबिनेट बैठक की। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन में होने वाले भ्रष्टाचार, अनधिकृत संग्रह और पार्टी फंड जैसी प्रथाओं पर व्यापक कार्रवाई शुरू की। सीएम विजय ने अधिकारियों को आदेश दिया कि शराब बिक्री से मिला एक-एक पैसा राज्य के खजाने तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। जानकारी के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने सीएम को बताया कि हर महीने करीब 102 करोड़ रुपए अनौपचारिक ‘पार्टी फंड’ के जरिए कॉरपोरेशन संचालन में जा रहे थे। अनुमान के मुताबिक पिछले पांच साल में राज्य सरकार के खजाने से करीब 1,600 करोड़ रुपए निकाले जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक अब डीएमके के कॉरपोरेशन के इस्तेमाल पर भी जांच केंद्रित हुई है।

बंद करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल लंबे समय से चले आ रहे कॉरपोरेशन के थोक और खुदरा नेटवर्क में चल रहे अनौपचारिक कैश कलेक्शन सिस्टम को बंद करने का निर्देश दिया। इसके करीब 4,048 रजिस्टर्ड आउटलेट हैं। इन सुधारों की निगरानी एक्साइज मिनिस्टर के विग्नेश कर रहे हैं, जो 37 साल के नए मंत्री हैं और एक साधारण बैकग्राउंड से आते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके माता-पिता ने चाय की दुकान चलाई थी। इससे पहले कि उन्होंने केबल वितरण व्यवसाय और बाद में राजनीति में कदम रखा। एनडीटीवी के मुताबिक मंत्री विग्नेश ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार को भ्रष्टाचार या लोगों को दर्द पहुंचाकर होने वाली कमाई की जरूरत नहीं है।

बन गया था सिस्टम का हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक गलत ढंग से पैसे की वसूली, पिछले कुछ वक्त में कॉरपोरेशन में सिस्टम का हिस्सा बन चुके थे। अधिकारियों के मुताबिक तमिलनाडु में शराब बोतल के आकार के अनुसार मानकीकृत मामलों के माध्यम से सप्लाई की जाती है। यहां 180 एमएल की बॉटल 48 केस में पैक होती है। वहीं, 375 एमएल की 12 और बीयर केसेज में आमतौर पर 12 बॉटल्स होती हैं। आरोप है कि हर लिकर केस पर करीब 90 रुपए पार्टी फंड कलेक्शन के नाम पर जाते हैं। वहीं, बीयर में यह 40 रुपए पर केस और वाइन के मामले में 20 रुपए मंत्री या पॉलिटिकल फंड में जाते हैं। अधिकारियों का दावा है कि यह वसूली, वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और रिटेल आउटलेट्स में होती है। इसके मुताबिक हर महीने करीब 88 लाख उपभोक्ता कॉरपोरेशन के जरिए शराब खरीदते हैं। अंदरूनी आंकड़े बताते हैं कि हर महीने तकरीबन 102 करोड़ रुपए अनाधिकारिक ढंग से जाते हैं।

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अभी तो यह झांकी है
बताया जाता है कि कॉरपोरेशन के खिलाफ अभियान तो महज शुरुआत भर है। भ्रष्टाचार का दायरा बहुत बड़ा है और आने वाले वक्त में कई विभाग एंटी-करप्शन मिशन की चपेट में आने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने हर विभाग में भ्रष्टाचार को चिन्हित करने का आदेश दिया है। खासकर वह विभाग जो सरकारी रेवेन्यू के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें भी कॉरपोरेशन को सबसे पहले निशाना इसलिए बनाया गया क्योंकि यहां पर अनाधिकारिक कलेक्शन काफी ज्यादा है। बताया जाता है कि अगला निशाना खनन विभाग पर हो सकता है।