Vayu Astra loitering munition with 100 km range successfully tested in Rajasthan Uttarakhand 'वायु अस्त्र' ने राजस्थान और उत्तराखंड में अचूक निशाने से सबको चौंकाया, 100 KM दूर तक लक्ष्य पर सटीक वार, India News in Hindi - Hindustan
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'वायु अस्त्र' ने राजस्थान और उत्तराखंड में अचूक निशाने से सबको चौंकाया, 100 KM दूर तक लक्ष्य पर सटीक वार

भारतीय रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया के तहत लगातार बड़ी कामयाबी मिल रही है। पुणे स्थित डिफेंस फर्म नीबे लिमिटेड ने 100 km रेंज वाले अपने अत्याधुनिक लोइटरिंग म्यूनिशन 'वायु अस्त्र' का सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

Fri, 22 May 2026 11:29 AMPraveen Sharma नई दिल्ली, एएनआई
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'वायु अस्त्र' ने राजस्थान और उत्तराखंड में अचूक निशाने से सबको चौंकाया, 100 KM दूर तक लक्ष्य पर सटीक वार

भारत ने रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' की ओर एक और बड़ी छलांग लगाई है। पुणे की एक डिफेंस फर्म 'नीबे लिमिटेड' (Nibe Limited) ने देश में ही विकसित 100 km रेंज वाले अपने लोइटरिंग म्यूनिशन 'वायु अस्त्र' (Vayu Astra) का नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट (NCNC) ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह ट्रायल राजस्थान के पोखरण और उत्तराखंड के जोशीमठ की दुर्गम पहाड़ियों में किए गए। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ये परीक्षण 18 और 19 अप्रैल को पोखरण में और 26 तथा 27 अप्रैल को जोशीमठ (मलारी) में किए गए थे।

लक्ष्य पर अचूक निशाना

'वायु अस्त्र-1' लोइटरिंग म्यूनिशन (एंटी-पर्सनल वेरिएंट) ने राजस्थान के पोखरण रेंज में अपना पहला NCNC प्रदर्शन सफलतापूर्वक किया। 10 किलोग्राम का विस्फोटक (वॉरहेड) ले जाने की क्षमता वाले इस सिस्टम ने एक ही प्रयास में 100 किलोमीटर दूर स्थित अपने लक्ष्य को पूरी सटीकता से ध्वस्त कर दिया।

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कम से कम चूक

इसका सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) 1 मीटर से भी कम रहा, यानी यह अपने टारगेट से एक मीटर भी इधर-उधर नहीं भटका।

री-अटैक क्षमता

इजरायली तकनीक पर आधारित लोइटरिंग म्यूनिशन में 'अबॉर्ट-अटैक' (हमला रोकने) और 'री-अटैक' (दोबारा हमला करने) की गजब की क्षमता है।

रात के अंधेरे में भी सटीक मार

कंपनी ने आगे दावा किया कि एंटी-आर्मर (एंटी-टैंक) नाइट स्ट्राइक ट्रायल के दौरान इस सिस्टम ने इन्फ्रारेड (IR) कैमरे की मदद से रात के घने अंधेरे में भी टारगेट को सफलता पूर्वक निशाना बनाया और एक ही प्रयास में 2 मीटर के CEP के भीतर लक्ष्य को भेद दिया। इसके अलावा, कंपनी ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि 70 किमी दूर फॉरवर्ड कंट्रोल सेगमेंट को ग्राउंड स्टेशन से नियंत्रण सौंपने (कंट्रोल हैंडओवर) की क्षमता का भी सफल प्रदर्शन किया गया।

14,000 फीट की ऊंचाई पर जोशीमठ में उड़ान

इसके अलावा, मैदानी इलाकों के बाद 26 और 27 अप्रैल को उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) में किए गए परीक्षणों के दौरान 'वायु अस्त्र-1' लोइटरिंग म्यूनिशन की 'हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस' (ऊंचाई पर लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता) का टेस्ट किया गया। बताया गया है कि इस दौरान इसने 90 मिनट से भी अधिक समय तक उड़ान भरी और 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर अपने मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए। कंपनी ने आगे बताया कि इस सिस्टम ने मिशन पूरा होने के बाद अगली उड़ानों के लिए रिकवरी की क्षमता भी दिखाई।

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'सूर्यास्त्र' रॉकेट लॉन्चर का भी सफल टेस्ट

पुणे स्थित रक्षा कंपनी ने इससे पहले 20 मई को अपने 'सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम' के सफल परीक्षण-फायरिंग की घोषणा की थी। नीबे ग्रुप ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि ओडिशा के चांदीपुर में 'अंतरिम परीक्षण रेंज' (ITR) में 18 और 19 मई को किए गए बैक टू बैक परीक्षणों ने असाधारण सटीकता के साथ मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया।

भारतीय सेना ने जनवरी 2026 में इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट (आपातकालीन खरीद) के तहत कंपनी को इस रॉकेट लॉन्चर और 150 किमी व 300 किमी रेंज वाले रॉकेटों की आपूर्ति का कॉन्ट्रैक्ट दिया था, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।

बता दें कि, रक्षा मंत्रालय द्वारा पूंजीगत खरीद के लिए उत्पादों के परीक्षण खरीदार द्वारा 'नो-कॉस्ट, नो-कमिटमेंट' (NCNC) आधार पर किए जाते हैं। इसका अर्थ है कि सरकार न तो इन परीक्षणों के लिए कोई भुगतान करती है और ना ही बाद में उन उत्पादों को खरीदने के लिए कोई प्रतिबद्धता जताती है।

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