यह सिर्फ भारत के बारे में नहीं है… रूसी तेल की खरीद पर आखिर चाहता क्या है US, सर्जियो गोर ने बताया
इससे पहले भारत ने स्पष्ट किया है कि भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत बाजार की स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाता रहा है और इस संबंध में भारत सभी जरूरी कदम उठाएगा।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने रूसी तेल की खरीद को लेकर बड़ा बयान दिया है। सर्जियो गोर ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका इस संबंध में भारत को निशाना नहीं बना रहा है। उन्होंने गुरुवार की नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई समिट के दौरान कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी देश रूस से तेल खरीदे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सिर्फ भारत से जुड़ा नहीं है, बल्कि यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म कराने की कोशिशों का हिस्सा है।
गोर यहां ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। यहां रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका की निगरानी को लेकर पूछे गए सवाल पर गोर ने कहा, “तेल को लेकर समझौता हुआ है। हमने देखा है कि भारत ने अपने तेल के स्रोतों में विविधता लाई है। यह भारत के बारे में नहीं है। अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी देश रूस से तेल खरीदे। राष्ट्रपति इस मामले में बहुत स्पष्ट हैं। वह चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो। जो भी इस संघर्ष से जुड़ा हुआ है, उसे समाप्त होते देखना चाहते हैं, ताकि शांति आ सके।”
US ने लगाया था 50 फीसदी टैरिफ
इस दौरान सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका लगातार रूस से ऊर्जा निर्भरता कम करने पर जोर दे रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने बीते साल रूसी तेल की खरीद का हवाला देते हुए भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों ने सीधे तौर पर भारत को निशाना बनाते हुए कहा कि भारत रूस से तेल खरीद कर यूक्रेन जंग जारी रखने के लिए फंडिंग कर रहा है। हालांकि अब अमेरिका ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को घटा दिया है।
इस बीच भारत हमेशा से स्पष्ट करता रहा है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। वहीं रूस से तेल की आपूर्ति कम कर वेनेजुएला का तेल खरीदने की खबरों पर विदेश मंत्रालय ने पहले कहा है कि 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा हितों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत बाजार की स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाता रहा है।
ट्रेड डील को लेकर क्या बोले गोर?
इस बीच भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर बात करते हुए गोर ने कहा कि समझौते पर बहुत जल्द हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने कहा, “बहुत जल्द हस्ताक्षर होंगे। इस हफ्ते भी दोनों टीमें बातचीत कर रही हैं। यह कोई छोटा देश नहीं है, यह दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कुछ छोटे तकनीकी बिंदु बचे हैं, लेकिन समझौता लगभग पूरा हो चुका है।”
AI समिट को बताया सफल
अमेरिकी राजदूत ने एआई समिट को बेहद सफल बताया है। उन्होंने कहा है कि यह भारत के प्रधानमंत्री के नेतृत्व का प्रमाण है। गोर ने आगे कहा कि एआई के क्षेत्र में इस समय अमेरिका और भारत का मिलन हो रहा है और नई दिल्ली में इसका आयोजन होना खास बात है।




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