उद्धव सेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी भी ईरान मसले पर सरकार के साथ, बोलीं- विदेश मंत्री सही
उद्धव सेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ईरान के मसले पर भारत सरकार के स्टैंड और विदेश मंत्री की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आखिर ईरान और अमेरिका के बीच भारत को मध्यस्थता करने की क्या जरूरत है। प्रियंका ने कहा कि पाकिस्तान के लिए भी विदेश मंत्री ने सही शब्द का प्रयोग किया।

उद्धव सेना की राज्यसभा सांसद रहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने ईरान के मसले पर सरकार के स्टैंड की तारीफ की है। विपक्ष के कई नेता ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग में पाकिस्तान के मध्यस्थता करने के चलते भारत सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने मध्यस्थता करके अपने कद को बढ़ाने की कोशिश की है, जबकि भारत ने चुप्पी साधे रखी। अब इस मसले पर उद्धव ठाकरे की करीबी नेता का एक्स पर पोस्ट आया है। उन्होंने ईरान में चल रही जंग को लेकर भारत के दूरी बरतने की सराहना की है। उन्होंने आखिर भारत को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता की मेज पर क्यों होना चाहिए?
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, 'आखिर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता की मेज पर भारत को क्यों होना चाहिए? इस मामले में आलोचना ना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि यह हमारी जंग नहीं है। अब पाकिस्तान की बात करें तो वह ऐसे ही बिचौलिये की भूमिका रहा है। वह इसके लिए फीस भी वसूलता रहा है। वह यही कहेगा कि हम मसला हल करा दिया और अब हमें फीस दी जाए। इसलिए हमारे विदेश मंत्री ने सर्वदलीय मीटिंग में पाकिस्तान को लेकर जो कहा था, वह एकदम सही था। उसकी इससे अच्छी व्याख्या नहीं की जा सकती।' दरअसल पाकिस्तान के बारे में विदेश मंत्री ने कहा था कि वह एक दलाल देश है। हम इस तरह की चीजें नहीं करते।
इसके अलावा एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि ईरान ने अपना पक्ष रखा है। अमेरिका ने अपना चेहरा बचाने की कोशिश की है। इजरायल को अपनी हकीकत पता चल गई है। पाकिस्तान को एक थैंक्यू नोट मिल गया है। भारत को अपना तेल मिल गया है। कुल मिलाकर इस मामले में अब अस्थायी शांति दुनिया को मिल गई है। इस मसले पर ध्यान देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। यही नहीं उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी पर भी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम ईरान की सभ्यता को ही खत्म कर देंगे।
सभ्यता खत्म करने वाली बात पर भी प्रियंका की टिप्पणी
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'किसी देश की सत्ता और उसमें बैठे लोग ही उसकी सभ्यता नहीं होते। पूरे मुल्क की सामूहिक शक्ति और उनके लड़ने एवं संघर्ष करने की क्षमता मिलकर एक सभ्यता का निर्माण करते हैं। अंत में वही बचते हैं। इसलिए कोई यह यकीन नहीं कर सकता कि किसी सुपरपावर के भरोसे कोई सभ्यता बनी रहेगी या नहीं बचेगी।' प्रियंका चतुर्वेदी की ओर से विदेश मंत्री की तारीफ करना अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई विपक्षी सांसद इस मामले में सरकार से सवाल दाग चुके हैं। इसके अलावा प्रियंका खुद कई मामलों में सरकार से इतर राय रखती रही हैं।




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