उद्धव ठाकरे पर भी ममता बनर्जी जैसा संकट! दिल्ली पहुंच गए सांसद; क्या हुई बात
शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को एक बैठक बुलाई थी, जिसमें 9 में से 4 सांसद शामिल हुए थे। इसी बीच पार्टी के एक सांसद दिल्ली पहुंचे हैं और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सांसदों को लेकर अटकलों का दौर जारी है। हाल ही में पार्टी के एक सांसद और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता की मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चाएं फिर तेज कर दी हैं। कहा जा रहा था कि उद्धव सेना के 9 में से 7 सांसद अलग हो सकते हैं। हालांकि, जब उन्होंने मातोश्री में बैठक बुलाई तो चार सांसद व्यक्तिगत रूप से पहुंचे थे। जबकि, पार्टी का दावा था कि अन्य 5 वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए थे।
कौन हैं शिंदे से मिलने वाले सांसद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यवतमाल वाशिम सांसद संजय देशमुख ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव से मुलाकात की थी। खास बात है कि जाधव शिंदे सेना में शामिल हैं। इसके साथ ही अटकलें लगाई जाने लगीं हैं कि जल्द ही उद्धव की पार्टी के कुछ सांसद शिंदे गुट में जा सकते हैं। देशमुख भी मातोश्री में हुई बैठक में ऑनलाइन उपस्थित हुए थे। हालांकि, जाधव ने इसे सामान्य मुलाकात बताया है।
सांसदों का गणित
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी के पास 9 लोकसभा सांसद हैं। पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि दल के 7 सांसद टूट सकते हैं और शिंदे को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि, राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ऐसी किसी भी चर्चाओं को अफवाह करार दिया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी प्रमुख लगातार सांसदों के संपर्क में बने हुए हैं।
अब अगर 6 सांसद टूटते हैं, तो ही वह अयोग्य घोषित होने से बच सकते हैं। साथ ही इस शर्त को पूरा करने के बाद वह किसी दूसरे दल के साथ विलय कर सकेंगे। फिलहाल, साफ नहीं है कि सांसद पाला बदलेंगे या नहीं।
क्या बोली शिंदे सेना
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, जाधव ने कहा, 'संजय देशमुख का यवतमाल जिले में शिक्षण संस्था है। वह अपने संस्थान के बारे में कुछ जानकारी चाहते थे और चूंकि मैं दिल्ली में था और इत्तेफाक से वह यहां सुबह पहुंचे थे। हमने साथ में चाय पी और बातचीत की। कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते उन्होंने अपनी पार्टी की मीटिंग ऑनलाइन अटेंड की थी।'
उन्होंने कहा, 'संजय देशमुख और मैं उस समय से दोस्त हैं जब हम दोनों एक ही संगठन में थे। उस समय वह यवतमाल के जिला प्रमुख थे और मैं बुलढाणा का जिला प्रमुख था। हम दोनों ने तब से साथ मिलकर संगठन में काम किया है। हम दोनों एक ही इलाके के रहने वाले हैं। हमारी दोस्ती बहुत अच्छी है। अब भले ही वह दूसरी पार्टी से सांसद चुने गए हैं, फिर भी वह एक पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्र के सांसद हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट हमारे बुलढाणा जिले के बिल्कुल पास में है। इसलिए हमारी दोस्ती बढ़िया है और हम दोस्तों की तरह अक्सर मिलते रहते हैं, भले ही राजनीति में हम एक-दूसरे के विरोधी हैं।'
मुंबई में हुई थी मीटिंग
ठाकरे ने रविवार को मुंबई में पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी। तब नौ में से केवल चार लोकसभा सदस्यों अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने शिरकत की थी। राउत ने रविवार को कहा था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाउसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शिरकत की, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की।
स्थापना दिवस पर सस्पेंस
एजेंसी भाषा से बातचीत में जब जब उनसे पूछा गया कि रविवार की बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद 19 जून को अविभाजित शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे या नहीं। इसपर राउत ने कहा कि शिवसेना परिवार के इस आयोजन के लिए किसी को निमंत्रण की आवश्यकता नहीं है।




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