फिरहाद हकीम ने कोलकाता महापौर पद से दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी के माने जाते हैं करीबी
बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस में उथल-पुथल चल रही है। विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। हकीम ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में माने जाते रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस के विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें इसकी अनुमति दी थी। हकीम ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में माने जाते रहे हैं, लेकिन टीएमसी के कई नेताओं ने बगावत कर दी है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम भी मौजूद थे।
पीटीआई के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने बताया कि इस संबंध में किए गए हकीम के अनुरोध को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया है। पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक और बनर्जी के करीबी माने जाने वाले हकीम ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद कोलकाता नगर निगम के कामकाज में आ रही कठिनाइयों का हवाला देते हुए महापौर पद से इस्तीफा देने के लिए टीएमसी प्रमुख से अनुमति मांगी थी।
घोष ने पत्रकारों से कहा, ''उस समय उनसे (हकीम से) इस्तीफा न देने के लिए कहा गया था। हालांकि, उन्होंने पद छोड़ने की अनुमति देने का आज फिर से ममता बनर्जी से अनुरोध किया, जिसके बाद वह सहमत हो गईं।'' यह घटनाक्रम हाल के हफ्तों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ती अनिश्चितता और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में पार्टी पार्षदों के लगातार इस्तीफे के बीच हुआ है।
हकीम का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब राज्य में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी संगठन आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। कोलकाता के महापौर के रूप में हकीम का उत्तराधिकारी कौन होगा, इसकी तुरंत कोई जानकारी सामने नहीं आई है। तृणमूल के एक प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरे हकीम 2018 से कोलकाता के महापौर हैं और उन्होंने ममता बनर्जी नीत पूर्ववर्ती सरकार में कई विभाग भी संभाले हैं। कोलकाता नगर निगम 2010 से तृणमूल के नियंत्रण में है।




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