Thousands of frauds are roaming around wearing black robes CJI Surya Kant in supreme court हजारों फर्जी लोग काला कोट पहनकर घूम रहे हैं, CBI कुछ करे; CJI सूर्यकांत को आया गुस्सा, India News in Hindi - Hindustan
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हजारों फर्जी लोग काला कोट पहनकर घूम रहे हैं, CBI कुछ करे; CJI सूर्यकांत को आया गुस्सा

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच में शामिल जस्टिस जॉयमाला बागची ने कहा, 'क्या 'सीनियर एडवोकेट' का टैग कोई स्टेटस सिंबल है जिसे सिर्फ सजाकर रखने के लिए दिया जाता है या फिर यह न्याय व्यवस्था में आपकी भागीदारी के लिए है?'

Fri, 15 May 2026 01:02 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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हजारों फर्जी लोग काला कोट पहनकर घूम रहे हैं, CBI कुछ करे; CJI सूर्यकांत को आया गुस्सा

CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने 'काला कोट पहनने वाले फर्जी लोगों' पर सवाल उठाए हैं। यह बात उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से शीर्ष न्यायालय की गाइडलाइन्स लागू देरी करने के संबंध में कही है। साथ ही कहा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ CBI को कार्रवाई करनी चाहिए। खास बात ही के सीजेआई ने इस संबंध में अवमानना याचिका दाखिल करने वाले वकील को भी फटकार लगाई है।

सीजेआई ने कहा, 'काले कोट पहने ऐसे हजारों फर्जी लोग घूम रहे हैं जिनकी डिग्रियों पर गंभीर संदेह है। सीबीआई (CBI) को इस मामले में कुछ करने की जरूरत है।' साथ ही उन्होंने वकील को भी फटकार लगाई है। उन्होंने कहा, 'लोगों को पता चलना चाहिए कि आप फेसबुक पर किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैं आपको बताऊंगा कि इस पेशे में अनुशासन का क्या मतलब है।'

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इस दौरान जस्टिस जॉयमाला बागची ने कहा, 'क्या 'सीनियर एडवोकेट' का टैग कोई स्टेटस सिंबल है जिसे सिर्फ सजाकर रखने के लिए दिया जाता है या फिर यह न्याय व्यवस्था में आपकी भागीदारी के लिए है?'

किस बात पर भड़के जज

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका दाखिल हुई थी। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट बनाने के सुप्रीम कोर्ट के नियमों को लागू करने में हुई देरी के खिलाफ दाखिल की गई थी।

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लाइव लॉ के अनुसार, व्यक्तिगत रूप से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि वह तीसरी बार इस मामले को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दिए गए पुराने निर्देशों का पालन नहीं किया है। याचिका पर नाराज सीजेआई ने कहा, 'पूरी दुनिया वरिष्ठ पद के लिए पात्र हो सकती है, लेकिन कम से कम आप तो नहीं। अगर हाई कोर्ट आपको सीनियर बनाता है, तो आपके बर्ताव को देखते हुए हम उसे खारिज कर देंगे।'

CJI ने कही तीखी बात

रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई ने आदेश जारी किया कि याचिकाकर्ता सीनियर डेसिग्नेशन के लायक नहीं हैं, क्योंकि वह बेतुकी याचिकाएं दायर कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे एक उचित केस का इंतजार कर रहे हैं, जहां दिल्ली के कई वकीलों की एलएलबी डिग्री के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश जारी कर सकें।

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वकील ने मांगी माफी

इसके बाद याचिकाकर्ता वकील ने माफी मांग ली थी। माफी मांगे जाने के बाद बेंच ने अपना आदेश वापस ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई ने कहा कि ऐसे कई परजीवी हैं, जो न्यायपालिका पर हमला कर रहे हैं और वकीलों को उनके साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए। वकील ने जवाब दिया कि वह अपने पेशे को लेकर काफी गंभीर है और उसके पांच मामले आज सूचीबद्ध हैं।

वकील ने पिछले साल एक रिट याचिका दायर कर दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें सीनियर का दर्जा देने से इनकार कर दिया गया था। बाद में उन्होंने एक अवमानना याचिका दायर कर आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले निर्देश का पालन नहीं किया।