If he fails to cooperate a warrant should be issued against him CJI Surya Kant lash out at a lawyer मदद न करे तो उनके खिलाफ वारंट जारी करो, वकील पर क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत, India News in Hindi - Hindustan
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मदद न करे तो उनके खिलाफ वारंट जारी करो, वकील पर क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान गुरुवार को झा से पूछा कि उनका वकालत लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही पूछा कि उन्हें वकील के रूप में काम करने से क्यों नहीं रोका जाना चाहिए।

Fri, 1 May 2026 07:13 AMNisarg Dixit भाषा
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मदद न करे तो उनके खिलाफ वारंट जारी करो, वकील पर क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत

बार एसोसिएशन में महिलाओं के आरक्षण को लेकर एक वकील की सोशल मीडिया पर पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने मामले पर गहरी चिंता जताई है और स्वतः संज्ञान आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की है। साथ ही अदालत की तरफ से वकील से पूछा गया है कि उनका लाइसेंस क्यों रद्द न किया जाए।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने रोहिणी जिला न्यायालय में वकालत करने वाले वकील विभास कुमार झा को उनके फेसबुक पोस्ट का संज्ञान लेते हुए 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया।

क्या था सोशल मीडिया पोस्ट में

अब हटाए जा चुके पोस्ट में झा ने महिलाओं, कुछ अनुसूचित जातियों और देश भर की राज्य विधिज्ञ परिषदों तथा बार एसोसिएशन में महिला अधिवक्ताओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाले शीर्ष अदालत के आदेश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

लाइसेंस को लेकर पूछ लिया सवाल

प्रधान न्यायाधीश ने गुरुवार को झा से पूछा कि उनका वकालत लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें वकील के रूप में काम करने से क्यों नहीं रोका जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, 'यदि वकील की ओर से सहयोग न मिले तो उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किए जाएं। अगली सुनवाई में उन्हें अपनी कानून की डिग्री भी रिकॉर्ड पर रखनी होगी।'

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महिला वकील पर हुए हमले पर भी हरकत में आया सुप्रीम कोर्ट

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला वकील पर उसके पति द्वारा कथित तौर पर किए गए क्रूर हमले का संज्ञान लिया था। वकील स्नेहा कालिता की तरफ से सीजेआई को पत्र लिखा गया था, जिसमें तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया था। इसके बाद सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है।

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क्या थे आरोप

आरोपों के अनुसार, यहां कड़कड़डूमा जिला न्यायालय में वकालत करने वाली पीड़ित महिला वकील पर उनके पति ने 22 अप्रैल को सोनिया विहार में तलवार और चाकू से बेरहमी से हमला किया। सुनवाई के दौरान कलिता ने पीठ को बताया कि हमले के बाद पीड़िता किसी तरह अपने परिवार और पीसीआर को फोन करने में कामयाब रही।

पुलिस की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को सूचित किया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पीड़िता के पति को 25-26 अप्रैल की दरमियानी रात गिरफ्तार कर लिया गया था। सोनिया विहार के निवासी आरोपी मनोज कुमार को रविवार को खजूरी खास इलाके से गिरफ्तार किया गया।

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पुलिस ने बताया कि कुमार ने 38 वर्षीय पत्नी पर 22 अप्रैल को कथित किसी धारदार चीज से हमला किया था। पुलिस ने कहा, 'पूछताछ के दौरान, कुमार ने जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को बताया कि उसने एक पारिवारिक विवाद के बाद अपनी पत्नी पर हमला किया।' पुलिस ने बताया कि हमले का कारण घरेलू कलह माना जा रहा है, हालांकि जांचकर्ता सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।