Telangana CM Revanth Reddy says BJP only God is AIMIM Chief Asaduddin Owaisi भाजपा के असली भगवान ओवैसी, अलादीन का चिराग बनाकर वोट बटोरती है पार्टी: कांग्रेस CM, India News in Hindi - Hindustan
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भाजपा के असली भगवान ओवैसी, अलादीन का चिराग बनाकर वोट बटोरती है पार्टी: कांग्रेस CM

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा हर बार असदुद्दीन ओवैसी को अलादीन का जादुई चिराग बनाकर वोट मांगती है। उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर असदुद्दीन ओवैसी इतने विलेन हैं, तो भाजपा उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रही है?

Tue, 10 Feb 2026 10:13 AMJagriti Kumari एएनआई, हैदराबाद
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भाजपा के असली भगवान ओवैसी, अलादीन का चिराग बनाकर वोट बटोरती है पार्टी: कांग्रेस CM

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भगवान राम से भी ज्यादा अहमियत देती है और वोट जीतने के लिए ओवैसी का इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा है कि ओवैसी ही भाजपा के असली लाइफलाइन हैं।

सोमवार को एक प्रेस मीट में तेलंगाना के CM ने कहा, "यह भारतीय जनता पार्टी का इतिहास है। अगर आप इसे एनालाइज करें, तो उनके लिए सिर्फ एक ही भगवान हैं, असदुद्दीन ओवैसी। वे यूं ही भगवान राम का नाम लेते हैं, लेकिन वे हर दिन जिसके आगे झुकते हैं, वह असदुद्दीन ओवैसी हैं।” उनकी लाइफलाइन खुद असदुद्दीन ओवैसी हैं। देखिए वे कितनी बार राम का नाम याद करते हैं और कितनी बार ओवैसी का नाम याद करते हैं। इसकी पड़ताल होनी चाहिए।"

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि भाजपा ओवैसी को अलादीन के चिराग की तरह इस्तेमाल कर रह। उन्होंने कहा, “हर बार वे असदुद्दीन ओवैसी को अलादीन का जादुई चिराग बनाकर वोट मांगते हैं। आखिर सरकार तो आपकी ही है ना? अगर असदुद्दीन ओवैसी इतने विलेन हैं, तो आप उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं?”

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आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद- रेड्डी

रेड्डी ने आगे AIMIM की निंदा के लिए भी BJP की आलोचना की। उन्होंने कहा, "डेमोक्रेसी में AIMIM भी एक पॉलिटिकल पार्टी है जो चुनाव लड़ती है। जहां वे जीतते हैं, जीतते हैं। जहां वे हारते हैं, हारते हैं। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और यहां तक ​​कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने पांच सीटें जीतीं। वे भी एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन हैं, एक पॉलिटिकल पार्टी हैं। लेकिन आप कब तक उनके नाम पर वोट मांगते रहेंगे? धार्मिक नफरत भड़काकर, कुछ पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं को राक्षस बताकर और उसके जरिए पॉलिटिकल रूप से जिंदा रहने की कोशिश करना आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद है। तेलंगाना के लोगों को सोच समझ कर वोट देना चाहिए।”

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