मुस्लिम आरक्षण को परमानेंट करेंगे, दम है तो सरकार बनाकर दिखाओ; रेवंत रेड्डी की शाह को चुनौती
तेलंगाना के सीएम ने शाह को चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी मुस्लिम आरक्षण खत्म नहीं कर पाएगी।उन्होंने राज्य में नफरती भाषणों के खिलाफ सख्त कानून लाने और जस्टिस सुदर्शन रेड्डी की मदद लेने का ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोलते हुए चुनौती दी कि अगर उसमें हिम्मत है तो राज्य में सरकार बनाकर दिखाए। उन्होंने यह टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उन पुराने बयानों के संदर्भ में की, जिनमें कहा गया था कि बीजेपी के सत्ता में आने पर तेलंगाना में अल्पसंख्यकों को मिलने वाला चार प्रतिशत आरक्षण खत्म किया जाएगा।
हेट स्पीच के खिलाफ एक सख्त कानून लाने की तैयारी
यह बातें रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में आयोजित जमीयत उलमा तेलंगाना की परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। इस दौरान उन्होंने यह भी ऐलान किया कि राज्य में हेट स्पीच के खिलाफ एक सख्त कानून लाने की तैयारी की जा रही है और इसके मसौदे में मदद के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सुदर्शन रेड्डी से अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को महबूबनगर में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नाबिन की रैली का जिक्र करते हुए कहा- आपने बुधवार को देखा कि दिल्ली से कोई महबूबनगर आया और क्या बोला। अमित शाह पहले भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी सरकार बनाती है तो मुसलमानों को मिलने वाला चार प्रतिशत आरक्षण हटा दिया जाएगा। मैं मोदी और अमित शाह से पूछता हूं- अगर आपमें हिम्मत है तो तेलंगाना में सरकार बनाकर दिखाइए।
नफरती अपराधों में शामिल लोगों को सजा
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में बीजेपी को जो भी सीटें मिलीं, वे भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वोट ट्रांसफर की वजह से मिलीं और इसके लिए बीआरएस ने अपने राजनीतिक नुकसान की भी परवाह नहीं की। हेट स्पीच को लेकर उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून ऐसे बयानों को रोकने और नफरती अपराधों में शामिल लोगों को सजा देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा- हम आगामी बजट सत्र में हेट स्पीच के खिलाफ कानून लाएंगे और उसे तेलंगाना में लागू करेंगे। नीति दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। मैंने अधिकारियों से कहा है और जस्टिस सुदर्शन रेड्डी से भी आग्रह किया है कि वे इस कानून के मसौदे में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि देश को अमेरिका, चीन और जापान जैसी शक्तियों से प्रतिस्पर्धा करने लायक बनाने के लिए बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों को मिलकर काम करना होगा।
मुस्लिम आरक्षण को स्थायी बनाने में मदद मिलेगी
रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने राज्य में कराए गए जाति सर्वेक्षण के जरिए मुस्लिम आबादी से जुड़े आंकड़ों को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे अल्पसंख्यकों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण को स्थायी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण के चलते बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक छात्रों को सरकारी नौकरियां मिली हैं। तेलंगाना के सीएम ने कहा, 'अब हमारे पास सही जनगणना है और जब भी SC में मुस्लिम समुदाय के लिए 4% आरक्षण की बात आएगी, तो हम यह डॉक्यूमेंट जमा करेंगे, फिर 4% आरक्षण पक्का हो जाएगा।'
वहीं, बुधवार को महबूबनगर की जनसभा में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नाबिन ने रेवंत रेड्डी पर तुष्टीकरण की राजनीति की चरम सीमा पर पहुंचने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि मुख्यमंत्री तेलुगु भाषा और संस्कृति को दबा रहे हैं। गौरतलब है कि अमित शाह इससे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि बीजेपी सत्ता में आने पर अल्पसंख्यक आरक्षण को समाप्त कर उसका लाभ अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों को दिया जाएगा। तेलंगाना की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।




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