Tarique Rahman wants to improve relations with India sends Bangladesh intelligence chief to Delhi भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं तारिक रहमान, बांग्लादेश के इंटेलिजेंस चीफ को दिल्ली भेजा, India News in Hindi - Hindustan
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भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं तारिक रहमान, बांग्लादेश के इंटेलिजेंस चीफ को दिल्ली भेजा

आपको बता दें कि भारत लंबे समय से बांग्लादेश की धरती पर होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर चिंतित रहा है। भारत की प्राथमिकता नई सरकार के साथ मिलकर इन चुनौतियों का समाधान करना है।

Wed, 11 March 2026 08:24 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।
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भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं तारिक रहमान, बांग्लादेश के इंटेलिजेंस चीफ को दिल्ली भेजा

बांग्लादेश में बीएनपी (BNP) की जीत और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिशें तेज हो गई हैं। देशों के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मार्च की शुरुआत में बांग्लादेश की शीर्ष रक्षा खुफिया एजेंसी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस (DGFI) के प्रमुख ने भारत का एक उच्च-स्तरीय दौरा किया। तारिक रहमान सरकार के सत्ता संभालने के बाद से किसी शीर्ष अधिकारी की यह पहली भारत यात्रा है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के नवनियुक्त DGFI महानिदेशक मेजर-जनरल कैसर राशिद चौधरी ने 1 से 3 मार्च के बीच दिल्ली का दौरा किया। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ प्रमुख पराग जैन और सैन्य खुफिया महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल आर. एस. रमन के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। 2 मार्च को एक निजी रात्रिभोज के दौरान दोनों देशों के खुफिया प्रमुखों ने खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा साझेदारी को गहरा करने पर विस्तार से चर्चा की।

आपको बता दें कि भारत लंबे समय से बांग्लादेश की धरती पर होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर चिंतित रहा है। भारत की प्राथमिकता नई सरकार के साथ मिलकर इन चुनौतियों का समाधान करना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था में जो गिरावट आई थी, उसे सुधारने के लिए तारिक रहमान सरकार अब भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है।

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इस सुरक्षा सहयोग का पहला बड़ा परिणाम पश्चिम बंगाल में देखने को मिला। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने रविवार को घोषणा की कि बांग्लादेश के प्रसिद्ध राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपियों को उत्तर 24 परगना के बनगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है।

आपको बता दें कि 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख युवा नेता और 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता हादी को दिसंबर 2025 में ढाका में सिर में गोली मारी गई थी, जिसके बाद सिंगापुर में उनकी मौत हो गई थी। आरोपियों की पहचान फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। इन्हें शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात बनगांव से पकड़ा गया। बांग्लादेश सरकार ने गिरफ्तार व्यक्तियों तक 'काउंसुलर एक्सेस' मांगी है ताकि उनकी पहचान की पुष्टि की जा सके।

बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबैद इस्लाम ने सोमवार को ढाका में पत्रकारों से कहा कि सरकार हादी हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी स्थापित नियमों का पालन करेगी। उन्होंने कहा, "हमने कोलकाता स्थित अपने मिशन के माध्यम से आरोपियों तक पहुंच मांगी है। चूंकि भारत और बांग्लादेश के बीच बंदियों के हस्तांतरण की संधि मौजूद है, इसलिए हम आरोपियों को वापस लाने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास करेंगे। हमें इस मामले में भारत से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा है।"

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मेजर-जनरल कैसर राशिद का दिल्ली दौरा और उसके तुरंत बाद हादी के हत्यारों की भारत में गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि तारिक रहमान सरकार भारत के साथ अपने सुरक्षा संबंधों को एक नई दिशा देने के लिए तैयार है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीमा सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर यह सहयोग कितना प्रभावी साबित होता है।