Bangladesh fuel concerns india to supply 5000 tonnes of diesel pipeline Bangladesh बांग्लादेश में तेल की भारी कमी से हाहाकार, मदद को आगे आया भारत; भेजेगा 180000 टन डीजल, International Hindi News - Hindustan
More

बांग्लादेश में तेल की भारी कमी से हाहाकार, मदद को आगे आया भारत; भेजेगा 180000 टन डीजल

भारत और बांग्लादेश समझौते के तहत पाइपलाइन के जरिए 5,000 टन डीजल बांग्लादेश पहुंच रहा है। वहीं, देश में ईंधन की कृत्रिम कमी और अवैध जमाखोरी को रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार ने छापेमारी शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर।

Tue, 10 March 2026 11:41 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, ढाका
share
बांग्लादेश में तेल की भारी कमी से हाहाकार, मदद को आगे आया भारत; भेजेगा 180000 टन डीजल

बांग्लादेश में ईंधन की बढ़ती कमी और ग्लोबल ऊर्जा संकट के बीच हाहाकार मचा हुआ है। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत गहरा गई है। देश में पैनिक बाइंग और होर्डिंग के चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि सरकार ने ईंधन की बिक्री पर दैनिक सीमा लगा दी है।

इस संकट के बीच भारत मदद को आगे आया है। भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग के तहत आज पाइपलाइन के जरिए 5000 टन डीजल बांग्लादेश भेजा जा रहा है। यह खेप पारबतीपुर सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करेगी। इसी बीच, बांग्लादेश सरकार देश में ईंधन की कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है।

भारत-बांग्लादेश डीजल समझौता

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मुहम्मद रेजानुर रहमान ने फोन पर समाचार एजेंसी एएनआई को इस आयात की पुष्टि की। BPC चेयरमैन ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत भारत हर साल पाइपलाइन के माध्यम से 180000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा। आज पहुंच रहा 5000 टन डीजल इसी समझौते का एक हिस्सा है।

समझौते के अनुसार, हर छह महीने में कम से कम 90000 टन डीजल का आयात किया जाना है। BPC को उम्मीद है कि अगले दो महीनों के भीतर ही वे पूरे छह महीने के कोटे (90,000 टन) का आयात पूरा कर लेंगे।

Bangladesh

ईंधन संकट और जमाखोरी पर सरकार की नजर

एक तरफ जहां आयात सुचारू रूप से चल रहा है, वहीं बांग्लादेश के अंदर ईंधन की कालाबाजारी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार को देश भर में ईंधन स्टॉक की स्थिति जांचने के लिए सघन अभियान चलाया। ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मौजूदा संकट के बीच कुछ भ्रष्ट व्यापारी बाजार में ईंधन की कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए अवैध रूप से इसकी जमाखोरी कर रहे हैं।

इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने वाहनों की श्रेणी के अनुसार ईंधन भराने की सीमा तय कर दी थी। लेकिन, कई पेट्रोल पंप और फिलिंग स्टेशन इस नियम को तोड़ते हुए तय सीमा से ज्यादा ईंधन बेच रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में स्टॉक छिपाया जा रहा है और खुले बाजार में ईंधन की बिक्री के साथ-साथ तस्करी के मामले भी सामने आ रहे हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:तेल की एक बूंद के भी लिए तरसा देगा ईरान, अब बाब-अल-मंदेब को भी बंद करने की योजना
ये भी पढ़ें:इंडिगो-स्पाइसजेट के शेयरों ने भरी उड़ान, तेल की गिरती कीमतों ने फूंकी जान
ये भी पढ़ें:ईरान में जंग के बीच निकला पाकिस्तान का 'तेल', शटडाउन जैसे हालात; स्कूल तक थमे

मोबाइल कोर्ट द्वारा छापेमारी

अवैध जमाखोरी और तय सीमा से अधिक बिक्री पर लगाम लगाने के लिए बांग्लादेश सरकार ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में 'मोबाइल कोर्ट' अभियान शुरू किए हैं। राजधानी ढाका में की गई कार्रवाई के कुछ प्रमुख नतीजे इस प्रकार रहे-

सिटी फिलिंग स्टेशन, तेजगांव (MPL): जांच के दौरान यह पंप कल से खाली (Dry) पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही ईंधन की नई खेप पहुंचेगी, यहां संचालन फिर से शुरू हो जाएगा।

क्लीन फ्यूल, तेजगांव (POPLC): जांच में पाया गया कि यह फिलिंग स्टेशन सरकार के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहा है।

Bangladesh

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक महज दो सप्ताह का बचा है। सामान्य परिस्थितियों में रोजाना 12,000 टन डीजल की मांग होती है, लेकिन फिलहाल 9,000 टन प्रतिदिन ही सप्लाई की जा रही है। पैनिक खरीदारी के कारण स्टॉक और तेजी से घट रहा है। सरकार ने मोटरसाइकिल के लिए 2 लीटर, कार के लिए 10 लीटर, एसयूवी के लिए 20-25 लीटर और ट्रकों के लिए सीमित मात्रा तय की है।

(इनपुट एजेंसी)

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।