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विजय तो गठबंधन के खिलाफ थे, चुनाव के बाद 5 दलों को साथ ले लिया; सियासी चर्चा गरम

तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा बनी, जहां किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला। TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन बहुमत से 10 सीटें दूर रह गई।

Sun, 10 May 2026 06:26 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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विजय तो गठबंधन के खिलाफ थे, चुनाव के बाद 5 दलों को साथ ले लिया; सियासी चर्चा गरम

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। पहली बार राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी। अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय ने पिछले साल अगस्त में मदुरै में अपनी पार्टी के राज्य सम्मेलन में बड़ा बयान दिया था। उन्होंने गठबंधनों को लेकर नाराज़गी जाहिर की थी। विजय ने कहा था, 'मुझे किसी गुलाम गठबंधन में शामिल होने की जरूरत नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी TVK किसी से गठबंधन करेगी, तो वह स्वाभिमान आधारित गठबंधन होगा, न कि स्वार्थ पर टिका हुआ। इसी सोच के साथ उन्होंने अप्रैल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया। लेकिन 10 मई को मुख्यमंत्री बनने तक पहुंचने के लिए उन्हें उन्हीं दलों का समर्थन लेना पड़ा, जिनके साथ उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था। इनमें से कुछ ने उनके खिलाफ प्रचार भी किया था।

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तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा बनी, जहां किसी भी पार्टी या पूर्व-चुनावी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन बहुमत से 10 सीटें दूर रह गई। यही कारण था कि विजय को चुनावी नतीजे आने के बाद समर्थन जुटाने के लिए अन्य दलों से बातचीत करनी पड़ी। द्रविड़ राजनीति की शुरुआत 1967 से लेकर अब तक तमिलनाडु में जितनी भी सरकारें बनीं, वे सभी चुनाव पूर्व गठबंधनों के आधार पर बनी थीं। चाहे DMK हो या AIADMK, किसी भी मुख्यमंत्री को सरकार बनाने के लिए चुनाव बाद सहयोगियों की तलाश नहीं करनी पड़ी थी।

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गठबंधन को लेकर क्या बोले थे विजय

चुनाव से पहले विजय लगातार यह कहते रहे कि उनकी पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। मार्च 2026 में भी उन्होंने साफ कहा था कि TVK केवल जनता की टीम है। लेकिन नतीजे आने के बाद हालात बदल गए। सबसे पहले कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद CPI और CPI(M) ने भी समर्थन दिया। VCK और IUML चुनाव के दौरान DMK-नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे, उन्होंने भी 9 मई को विजय का समर्थन कर दिया। इन दलों का कहना था कि वे राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने और पिछले दरवाजे से BJP शासन आने से रोकना चाहते हैं।

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आखिरकार टीवीके के प्रभावी 107 विधायकों के साथ कांग्रेस के 5, CPI के 2, CPI(M) के 2, VCK के 2 और IUML के 2 विधायकों का समर्थन मिलाकर आंकड़ा 120 तक पहुंच गया, जो बहुमत के लिए पर्याप्त था। इसी समर्थन के आधार पर विजय ने चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। राहुल ने सोशल मीडिया पर विजय को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, 'तमिलनाडु ने नई पीढ़ी, नई आवाज और नई कल्पना को चुना है।' शपथ लेने के बाद विजय ने अपने सहयोगी दलों का धन्यवाद किया और जनता से कहा कि मैं झूठे वादों से लोगों को धोखा नहीं दूंगा। मैं वही करूंगा जो संभव होगा।